तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा वाहन।
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जिले के देवलोंद थाना पुलिस ने पशु तस्करी करते हुए एक वाहन को जप्त किया है। उसमें कुल 11 मवेशी मिले हैं। पुलिस की ओर से आरोपी वाहन चालक से मवेशी परिवहन से संबंधित दस्तावेज की मांग की गई, जिस पर उसके पास कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले।
देवलोंद पुलिस से के अनुसार बीती रात गश्त के दौरान सूचना मिली एक पिकअप वाहन में मवेशियों की तस्करी थाना क्षेत्र से होने वाली है। सूचना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चंदोला फॉरेस्ट बैरियर के पास पिक-अप वाहन क्रमांक यूपी 12 सीटी 8733 को रोका। वाहन में 6 भैंस और 5 पड़वों को मवेशियों को निर्दयता से ठूंस-ठूंसकर लोड किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन से पशुओं को मुक्त कराया।
वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम आसीम खान पिता रहमत खान उम्र 32 वर्ष एवं सहयोगी का नाम गुलामेरजा पिता रज्जाक खान उम्र 26 वर्ष बताया। दोनों निवासी ग्राम छवारी, थाना मझौली, जिला सीधी के रहने वाले हैं। दोनों को हिरासत में लिया गया। मौके से वाहन और मवेशियों समेत कुल 10 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी देवलोंद के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक सुनीत मिश्रा, आरक्षक विनोद तिवारी, अभिषेक तिवारी, सौरभ मिश्रा तथा ओमप्रकाश तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लंबे समय से हो रही पशु तस्करी
विदित हो कि जिले में पशु तस्करी का यह अवैध कारोबार एक लंबे समय से चल रहा है। जिले के देवलोंद के अलावा केशवाही चौकी क्षेत्र पशु तस्करों का गढ़ है। इन दोनों क्षेत्रों से काफी समय से मवेशियों को बूचड़ खाना भेजा जा रहा है, लेकिन आज तक इस पर अंकुश नहीं लग सका है। पड़ोसी जिला अनूपपुर के कोतमा क्षेत्र से केशवाही मार्ग से अधिकांशतः मवेशियों की तस्करी की जाती है।