जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में बीते दिनों रेत माफियाओं के द्वारा एएसआई की गई हत्या के बाद थाना प्रभारी व थाने में पदस्थ दो आरक्षकों की रेत माफियाओं से सांठगांठ की बातें सामने आई थी, जिसके बाद ब्योहारी थाना प्रभारी एमएल रहंगडाले को पुलिस अधीक्षक द्वारा लाइन हाजिर कर दिया गया था, लेकिन रेत के इस काले कारोबार में माफियाओं के साथ थाने के दो आरक्षकों की मिली भगत की चर्चाएं भी चल रही थी। जोकि एक लम्बे समय से ब्योहारी थाने में पदस्थ हैं।
इनमें आरक्षक मलिककंठ भट्ट व आरक्षक अहमद रजा शामिल हैं। जिन्हें अब लाइन हाजिर कर दिया गया है। दोनों करीब सात वर्ष से एक ही थाना मे पदस्थ थे। इतने लम्बे से उक्त दोनों आरक्षक ब्योहारी थाने में पदस्थ होने से क्षेत्र में होने वाले अवैध कारोबार से यह भलिभांति वाकिफ थे।
इस कारण माफियाओं के साथ इनकी सांठ गांठ बनी हुईं थी। थाना क्षेत्र में माफियाओं के हौसले बुलंद होने का एक कारण इन खाकी वर्दीधारियों की मिली भगत होना भी सामने आ रहा है। जिसका खामियाजा इनके ही सहकर्मी को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
बहरहाल पुलिस कप्तान को इतने समय से एक ही थाने में हत्या इनकी एवं इनके जैसे अन्य थानों में पदस्थ पुलिस कर्मियों की जानकारी थी अथवा नहीं, यह एक बड़ा सवाल है? वहीं दूसरी पटवारी के बाद एएसआई की रेत माफियाओं द्वारा हत्या करने व उसके बाद की गई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठना लाज़िमी हैं।