शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरी में योग कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से धार्मिक नारे लगवाने के आरोप ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य प्रतीक्षा मानगढ़े को पद से हटाकर डीईओ कार्यालय अटैच कर दिया है। विद्यार्थियों व अभिभावकों के विरोध और विश्व हिंदू परिषद द्वारा की गई शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की है।
क्या है मामला?
दरअसल 1 दिसंबर को गीता जयंती समारोह के बाद स्कूल में योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विद्यार्थियों और अभिभावकों का आरोप है कि इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य प्रतीक्षा मानगढ़े ने बच्चों से 'अल्लाह हू अकबर' के नारे लगवाए। बच्चों ने यह बात घर जाकर बताई तो अभिभावक आक्रोशित हो गए। तीन दिसंबर को बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और परिजनों ने स्कूल गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
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डीईओ पहुंचे, प्राचार्य हटाई गईं
सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी एसएस कुमरे मौके पर पहुंचे। विरोध को शांत करने के लिए उन्होंने तत्काल निर्देश जारी करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रतीक्षा मानगढ़े को अरी हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाया और उन्हें डीईओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक उमाशि धर्मेंद्र कुमार पटले को अगले आदेश तक नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया।
चार सदस्यीय जांच समिति बनी
जिले के शिक्षा अधिकारी ने आरोपों की जांच के लिए चार अधिकारियों की टीम गठित की है। टीम तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति में आरपी पाटिल (सहायक संचालक डीईओ कार्यालय), आभा सिंह (प्राचार्य शाउमावि मठ), रश्मि गौर (प्राचार्य महात्मा गांधी शासकीय हाईस्कूल), हेमंत मरावी (प्रभारी प्राचार्य गोपालगंज हायर सेकेंडरी स्कूल) शामिल हैं। यह समिति विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करेगी तथा उपलब्ध साक्ष्य एकत्र करेगी।
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प्राचार्य ने दी अपनी सफाई
प्रभारी प्राचार्य प्रतीक्षा मानगढ़े ने विभाग को बताया कि योगाभ्यास के दौरान उन्होंने सर्वधर्म सद्भाव के उद्देश्य से बच्चों से स्वेच्छा से नारे लगाने को कहा था। उनका कहना है कि किसी की धार्मिक भावना को आहत करना उनका उद्देश्य नहीं था।
हिंदू संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
हिंदू उत्सव समिति व संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने प्राचार्य पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने कहा कि प्राचार्य को तुरंत बर्खास्त किया जाए, उनकी पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सूजल मिश्रा ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि योग कार्यक्रम में धार्मिक नारे लगवाना शिक्षा के वातावरण को दूषित करने जैसा है, और जिम्मेदार अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।