चर्चित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी और फिरौती मांगने का एक नया मामला सामने आया है। इस बार दिल्ली के एक बड़े व्यापारी को टारगेट कर दो करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी गई। जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की तकनीकी जांच शुरू की, तो इसके तार सीधे मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जुड़े मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम शुक्रवार को अचानक सिवनी जिले में धमक पड़ी, जिससे स्थानीय पुलिस महकमे और इलाके में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के एक प्रतिष्ठित व्यापारी को कुछ दिनों पहले एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा फोन आया था। फोन करने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा बताते हुए व्यापारी से ₹2 करोड़ की फिरौती की मांग की। धमकी देने वाले ने साफ कहा कि अगर रकम तय समय पर नहीं मिली, तो अंजाम बेहद बुरा होगा। डरे-सहमे व्यापारी ने तुरंत मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत रंगदारी और धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया सिवनी का कनेक्शन
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और तकनीकी टीम ने जब उस मोबाइल नंबर की जांच की, जिससे फिरौती के लिए कॉल किया गया था, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वह नंबर सिवनी में एक्टिव पाया गया। सिवनी के ही एक युवक के नाम पर रजिस्टर्ड था। डराने वाली बात यह थी कि आरोपी ने सामान्य वॉयस कॉल के बजाय व्हॉट्सएप कॉलिंग का इस्तेमाल किया था। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम सुनील सतनामी तक पहुंची, इसके नाम सिम थी।
पुलिस की पूछताछ जारी सिवनी के पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से दिल्ली के व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल कर ₹2 करोड़ की धमकी दी गई थी, वह नंबर सिवनी के ही रहने वाले सुनील सतनामी के नाम पर दर्ज है। दिल्ली और स्थानीय पुलिस की टीम ने तुरंत सुनील सतनामी को हिरासत में लिया और उससे कड़ी पूछताछ की। हालांकि, शुरुआती जांच में कहानी में एक नया मोड़ आ गया है। युवक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं,
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पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक, जिस युवक सुनील सतनामी के नाम पर यह सिम कार्ड रजिस्टर्ड है, उसका पुराना कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। इतना ही नहीं, शुरुआती पूछताछ और जांच में उसके खिलाफ बिश्नोई गैंग या इस फिरौती मामले से सीधे जुड़े होने का कोई ठोस सबूत भी नहीं मिला है।