मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला सामने आया है। सीएम हेल्पलाइन पर पहुंची एक शिकायत की क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है, जिसमें लिखा गया है कि शिकायतकर्ता संतुष्ट है, शिकायत बंद कराना चाहता है। हैरान करने वाली बात ये है कि शिकायतकर्ता महिला की तीन साल पहले ही मौत हो गई। अब पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता का मोबाइल जिसके पास है वो कोई कार्रवाई नहीं चाहता, इसलिए ऐसा लिखना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार चौंकाने वाला ये मामला सिवनी जिले का है। बता दें कि सीएम हेल्पलाइन पर पुलिस को बरखा भारद्वाज नाम की महिला की शिकायत मिली थी। शिकायत में उसने बताया कि कुछ समय पहले मैंने प्रियंक तिवारी से अंतरजातीय विवाह किया। उसके उपरांत से ही मुझे व मेरे पति को मेरे पापा, चाचा, बड़ी बहन और उसके पति द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। 1 अक्टूबर 2018 को रात साढ़े 10 बजे मेरे पति के घर 10-12 लड़कों से हमला भी कराया। मैंने पुलिस में भी सूचना दी है। शिकायत CPGRAM पर कराई गई थी और वहां से ये शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर पहुंची थी।
बता दें कि बरखा भारद्वाज ने 6 फरवरी 2018 को प्रियंक तिवारी से प्रेम विवाह किया था। शादी के एक साल बाद मार्च 2019 में महिला ने ख़ुदकुशी कर ली। मामले में महिला के पति और सास के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि उन्होंने भोपाल की 'भाई वेलफेयर सोसाइटी' के ज़की एहमद से संपर्क कर विधिक सहायता भी ली थी, कि बरखा ने हमारी वजह से नहीं, मायके वालों से परेशान होकर खुदकुशी की थी।
बरखा की शिकायत जब सिवनी पुलिस के पास पहुंची तो उन्होंने निराकरण लिखते हुए बताया कि शिकायतकर्ता को इससे अवगत कराया गया है. शिकायतकर्ता संतुष्ट है और शिकायत बंद कराना चाहता है। अब ये कैसे संभव है कि 2019 में खुदकुशी में जान देने वाली महिला बयान दे दे।
मामले में सिवनी पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने न्यूज एजेंसी को बताया कि जांच के दौरान थाने के जांचकर्ताओं ने जब शिकायत में दर्ज नंबर पर संपर्क किया तो सामने वाले ने बताया कि उनके द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई है और बार-बार फोन करके जानकारी ली गई तो उन्होंने इनकार कर दिया कि बरखा भारद्वाज नाम की किसी महिला को नहीं जानते और इस नंबर से बरखा भारद्वाज ने शिकायत नहीं की है। इस आधार पर जब सामने वाला मना कर रहा था कि हमने कोई शिकायत नहीं की और हम संतुष्ट हैं, तो ये शिकायत इसी टिप्पणी के साथ बंद कर दी गई कि शिकायतकर्ता कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं और समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने महिला के परिवारवालों से संपर्क किया और उन्होंने बताया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है, चूंकि इसमें हमको दर्ज ये करना होता है कि शिकायतकर्ता शिकायत पर क्या कार्रवाई चाहता है और इसमें हम एक मोबाइल नंबर को शिकायतकर्ता मानते हैं और वो मोबाइल नंबर अभी घनश्याम मार्को के पास है और वो कोई कार्रवाई नहीं चाहता है इसलिए ये स्थिति निर्मित हुई है।
पति ने जताई थी शंका
बरखा के पति प्रियंक तिवारी का कहना है कि 28-29 अक्टूबर को महिला डेस्क थाने से पुलिस आई थी और बरखा की शिकायत के संबंध में पूछताछ की थी। पुलिसकर्मी मुझसे जानकारी लेकर चले गए थे। कुछ दिन बाद मैंने शिकायत का स्टेटस सीएम हेल्पलाइन पर देखा, जिसमें शिकायत बंद बताई जा रही थी और दावा किया गया कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करके सहमति से शिकायत को बंद किया गया है। मैंने पुलिस को बताया था कि 14 मार्च 2019 को मेरी पत्नी ने ख़ुदकुशी कर ली थी। ये कैसे हो गया, पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।