मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में चर्चित हवाला कांड का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस केस में गिरफ्तार की गईं एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत 11 पुलिसकर्मियों की दो दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद शुक्रवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए।
क्या है पूरा मामला
9 अक्तूबर की रात लखनवाड़ा थाना क्षेत्र के सीलादेही हाईवे पर पुलिस टीम ने एक कार को चेकिंग के दौरान रोका था। वाहन की तलाशी में ₹2 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए थे। यह रकम कथित रूप से हवाला कारोबार से जुड़ी बताई जा रही थी। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस बड़ी रकम का एक हिस्सा पुलिस टीम के कुछ सदस्यों ने अपने पास रखने की कोशिश की थी। जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो पूरी टीम पर कार्रवाई की गाज गिरी।
डकैती, अपहरण और षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज
14 अक्टूबर को इस मामले में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र (Sections 395, 364, 120B IPC) जैसी संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इस पूरे प्रकरण की जांच अब आईजी के निर्देशन में गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। SIT ने अब तक हवाला रकम के स्रोत और उसके नेटवर्क से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं।
मासूम बच्चे के साथ कोर्ट पहुंचीं पूजा पांडे
शुक्रवार को जब सभी 11 आरोपी पुलिसकर्मी न्यायालय में पेश किए गए, उस समय एसडीओपी पूजा पांडे अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर कोर्ट पहुंचीं। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की भारी मौजूदगी में सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल के लिए रवाना किया गया। सूत्रों के अनुसार, SIT आने वाले दिनों में हवाला रकम के असली स्रोत और अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका का खुलासा कर सकती है।
जांच में खुल सकते हैं और राज़
सूत्रों का कहना है कि SIT को कुछ डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं जिनसे यह पता चल सकता है कि हवाला की यह बड़ी रकम किस कारोबारी नेटवर्क से जुड़ी थी और पुलिस टीम को पहले से इस जानकारी का अंदेशा था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल हवाला का नहीं, बल्कि पुलिस तंत्र में विश्वासघात और भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण बन गया है। इसलिए इसकी जांच बेहद संवेदनशील तरीके से की जा रही है।
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आगे की कार्रवाई
SIT आने वाले दिनों में आरोपियों से फिर से पूछताछ कर सकती है। साथ ही हवाला रकम से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल डाटा और सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है। प्रशासनिक स्तर पर भी यह मामला अब निगरानी में है।