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Sehore: सीहोर के गांव में टाइगर!, ग्रामीणों ने कहा- बछड़ी को खा गया, वन विभाग ने कहा- लकड़बग्घा

Sun, 31 Jul 2022 10:00 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

मामला सीहोर जिले की रेहटी तहसील के ग्राम सोयत का है। आसपास टाइगर होने की सूचना से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। ग्रामीण अपने खेतों में भी नहीं जा रहे हैं। वन विभाग का दावा है कि ग्रामीणों को दिखने वाला जानवर लकड़बग्घा हो सकता है।
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रेहटी में जानवर ने बछिया का शिकार किया था। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश के सीहोर में टाइगर की मूवमेंट से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर ने एक बछड़ी को खा लिया है, वहीं दूसरे कई जानवरों को भी घायल किया है। हालांकि वन विभाग को मौके पर टाइगर होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, वन विभाग दावा कर रहा है कि गांव में घूमने वाला जानवर लकड़बग्घा हो सकता है। 
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जानकारी के अनुसार मामला सीहोर जिले की रेहटी तहसील के ग्राम सोयत का है। आसपास टाइगर होने की सूचना से क्षेत्र में दहशत फैली हुई है। नायब तहसीलदार रेहटी जयपाल सिंह उइके एवं वन विभाग का अमले ने भी सूचना के बाद क्षेत्र का भ्रमण करवाया है। वन विभाग की पड़ताल में सही जानवर की शिनाख्त नहीं हो सकी है। वन विभाग का दावा है कि ग्रामीणों को दिखने वाला जानवर लकड़बग्घा हो सकता है। क्योंकि यहां पर टाइगर का मूवमेंट नहीं है।

गांव के लोगों का कहना है कि गांव के आसपास कई बार बाघ को देखा गया है। उसने पास के खेत में एक किसान की टपरिया में बंधी बछिया को खा लिया है। कई अन्य पशुओं को भी घायल कर दिया है। इसके बाद लोगों में दहशत है, ग्रामीण अपने खेतों में भी नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग सहित प्रशासन को भी दी है। सूचना के बाद वन विभाग का दल सर्चिंग के लिए पहुंचा था, लेकिन टाइगर होने के कोई प्रमाण उसके हाथ नहीं लग सके। 
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ग्राम सोयत के सरपंच हरिओम इवने ने बताया कि लोग जरूर कह रहे हैं, लेकिन अब तक किसी ने उसे देखा नहीं है। लेकिन जिस प्रकार शिकार किया गया, उससे लगता है कि कोई बड़ा जानवर ही है। वन विभाग के अधिकारियों ने टाइगर होने से इनकार करते हुए बताया कि क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। वन विभाग की रेहटी रेंज के डिप्टी रेंजर लोकेश पेठारी का कहना है कि जिस मवेशी को नुकसान पहुंचाया गया है वह लकड़बग्घा ने पहुंचाया है। 
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