सीहोर जिले में डेंगू के डंक से इस बार भी लोग बच नहीं सके हैं। अभी भी डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जिले में अभी तक 85 डेंगू पीड़ित मरीज मिल चुके हैं। पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डाले तो जिले में पिछले 10 साल में तीसरी बार इस वर्ष डेंगू के सर्वाधिक 85 मरीज मिले हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया यूनिट हरकत में है। अमला पिछले चार महीने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया की रोकथाम करने जुटा है। लेकिन स्थिति ज्यादा कंट्रोल में नहीं हुई है। डेंगू मरीज मिलने का सिलसिला अब भी बरकरार है।
डेंगू के पिछले साल के आंकड़ों को देखें तो पिछले एक दशक में साल 2016 में डेंगू के 162 व 2021 में 135 मरीज मिले थे। इस बार जून से अक्तूबर के बीच सबसे अधिक डेंगू के मरीज सामने आए हैं। मलेरिया यूनिट का अमला बीमारी की रोकथाम के लिए जुटा है। सर्वे में जिन जगह पर लार्वा मिल रहा उसे नष्ट कर दवा छिड़काव और फागिंग से धुआं कर रहे हैं। मरीजों को चिह्नित कर प्राथमिक इलाज और गंभीर को सीधे अस्पताल भेजा जा रहा है।
तापमान 24 डिग्री होने पर ही प्रकोप होगा कम
जिला मलेरिया विभाग के अनुसार, अधिक तापमान होने पर ही मच्छरों का प्रकोप ज्यादा बढ़ने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया फैलने की सबसे अधिक अशंका रहती है। अब भी तापमान उच्च स्तर पर चल रहा है। इसे देखते हुए लोगों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए मकान या आसपास, छत पर पानी जमा है तो उसकी निकासी करे। साफ-सफाई पर पूरा फोकस कर स्वच्छता का माहौल रखने के साथ ही रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग कर अन्य बातों का ध्यान रखे। हालांकि, आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 24 डिग्री हुआ तो प्रकोप कम होगा और जैसे ही 16 डिग्री से नीचे पहुंचेगा तो पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
मौसम में बदलाव आने से वायरल का प्रकोप
अक्तूबर महीने की शुरुआत से ही मौसम हर पल बदल रहा है। कभी तेज धूप निकलने से गर्मी, उमस तो कभी बारिश होने के साथ रात में हल्की सर्दी लगने लगती है। इससे वायरल बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। इस समय अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार सहित अन्य बीमारी के मरीज सबसे अधिक इलाज कराने आ रहे हैं। इससे जिला अस्पताल के अलावा अन्य अस्पताल की ओपीडी में भी इजाफा होने से भीड़ देखने मिल रही है।
इस संबंध में जिला मलेरिया अधिकारी क्षमा बर्वे का कहना है कि सितंबर महीने की तुलना में अक्तूबर में डेंगू के बहुत कम मरीज मिल रहे हैं। आगामी दिनों में 24 डिग्री तापमान पहुंचने पर इसका प्रकोप कम होना शुरू हो जाएगा और 16 डिग्री से नीचे पहुंचने पर तो पूरी तरह से खत्म ही हो जाएगा। हालांकि, फिर भी लोगों को सावधानी बरतना जरूरी है।
जिले में किस वर्ष में कितने मिले मरीज
वर्ष - मलेरिया - डेंगू - चिकनगुनिया
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2015 534 07 00
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2016 533 162 00
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2017 383 26 11
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2018 104 21 04
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2019 101 67 13
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2020 17 14 03
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2021 28 135 14
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2022 28 14 00
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2023 65 79 14
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2024 17 85 07