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Sehore news: धोखाधड़ी का बड़ा खेल, एक ही जमीन दो बार बेचकर कारोबारी से ठगे 25 लाख, अब पुलिस पड़ी पीछे

Mon, 25 Aug 2025 08:02 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर में कारोबारी सेतू अग्रवाल से जमीन के सौदे में 25 लाख की ठगी हुई। आरोपियों विकास गौर और जितेंद्र मालवीय ने पहले से बेची जमीन का दोबारा अनुबंध कराया। अजय गौर ने 25 लाख लौटाए, पर शेष राशि नहीं दी गई। शिकायत पर मंडी पुलिस ने दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 
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मंडी थाना
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विस्तार
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सीहोर में जमीन के सौदे को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के मंडी थाना क्षेत्र में एक ही खसरे की जमीन का दो अलग-अलग लोगों से अनुबंध कर कारोबारी सेतू अग्रवाल से 25 लाख रुपए ठगे गए। शिकायत के बाद मंडी पुलिस ने आरोपियों विकास गौर और जितेंद्र मालवीय के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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मंडी पुलिस के अनुसार चरखा लाइन सीहोर निवासी आवेदक सेतू अग्रवाल पिता मनोज गर्ग (34) ने थाने में लिखित आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि वे बैटरी और घड़ी का व्यवसाय करते हैं। परिचित जितेंद्र मालवीय ने उन्हें चांदबड़ क्षेत्र की जमीन दिखाई, जो विकास गौर और अजय गौर की बताई गई थी। जमीन पसंद आने पर कुल 1 करोड़ 57 लाख रुपए में सौदा तय हुआ।

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50 लाख रुपए दे दिए थे
शिकायत के अनुसार जमीन की डील पक्की करने के लिए सेतू अग्रवाल ने पहले दो लाख रुपए टोकन राशि दिए। इसके बाद 6 मार्च 2025 को अनुबंध पत्र तैयार किया गया। इस दौरान अग्रवाल ने 38 लाख रुपए नगद और 10 लाख रुपए का चेक विकास गौर को दिया। कुल मिलाकर 50 लाख रुपए बयाने के रूप में दिए गए। अनुबंध के अनुसार रजिस्ट्री की तारीख 6 मार्च 2026 तय की गई थी।

पहले से बेची जा चुकी थी जमीन
बड़ी हैरानी की बात यह रही कि 21 मई 2025 को सेतू अग्रवाल को अधिवक्ता आजाद पाराशर के जरिए रजिस्टर्ड डाक से पत्र प्राप्त हुआ। इसमें खुलासा हुआ कि वही जमीन (खसरा क्रमांक 321/2/1 और 321/2/2/1) जिसे अग्रवाल ने खरीदा था, उसका अनुबंध 17 अक्टूबर 2024 को ही दीपेश बच्चानी नामक व्यक्ति से किया जा चुका था। उस सौदे में आरोपियों ने 12 लाख रुपए एडवांस भी ले लिए थे।

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अजय गौर ने लौटाए 25 लाख रुपए
जब यह धोखाधड़ी सामने आई तो अग्रवाल ने विकास गौर और अजय गौर से स्पष्टीकरण मांगा। इस दौरान अजय गौर ने 16 जून 2025 को 25 लाख रुपए और 2 लाख रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में वापस कर दिए और अनुबंध समाप्त कर दिया। लेकिन विकास गौर और जितेंद्र मालवीय ने शेष बकाया राशि लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
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धोखे से कराया गया अनुबंध
आवेदक ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि विकास गौर और जितेंद्र मालवीय ने उन्हें यह कहकर अनुबंध कराया कि भूमि पर कोई विवाद नहीं है। जबकि अनुबंध की कंडिका 6 में भी स्पष्ट उल्लेख था कि जमीन विवाद रहित है। असलियत यह थी कि उसी भूमि पर पहले से केस भी चल रहा था।

पुलिस ने दर्ज किया केस
मंडी थाना प्रभारी सुनील मेंहर ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आरोपी विकास गौर और जितेंद्र मालवीय के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल मामले की विवेचना चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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