अब फिर गूंजने लगेगी शादी की शहनाई।
जो लोग अपने घर शादी या अन्य शुभ काम करने का सोच रहे हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। अब तक रुके पड़े यह काम 13 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही वापस शुरू हो जाएंगे। इसी के साथ फिर से हर तरफ शादियों में शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। शुभ कार्य मुहूर्त अनुसार होंगे। 14 से 30 अप्रैल तक जिले में करीब एक हजार के आसपास शादियां होने से बाजार से कपड़ा, ज्वेलरी के अलावा अन्य सामान की खरीदी होने से 50 करोड़ से अधिक के कारोबार होने का अनुमान है। ग्राहक को उसकी मनपसंद का सामान मिले, इसे देखते हुए सीहोर के दुकानदारों ने एडवांस में सामान बुलाए हैं।
सीहोर के पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि इस साल 14 मार्च से खरमास शुरू हुआ था। खरमास सूर्य उपासना के लिए शुभ नहीं है। इस अवधि को शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, उसी वजह से शुभ कार्यों पर रोक लगी थी। 13 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही 14 अप्रैल से जरूर यह सभी काम दोबारा से पहले की तरह शुरू हो जाएंगे। अप्रैल से दिसंबर महीने तक शादी और अन्य शुभ काम करने कुल 44 शुभ मुहूर्त हैं।
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8 जून के बाद शादियों पर लगेगी लंबी रोक
8 जून के बाद शुभ कार्य जैसे शादी-ब्याह के लिए नवंबर का इंतजार करना होगा। 8 जून के बाद गुरु अस्त हो जाएंगे। ज्योतिष शास्त्रियों की मानें तो गुरु अस्त होने के बाद मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है, वहीं 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस समय को चातुर्मास कहा जाता है। इस दौरान शुभ कार्य नहीं होते। जब देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु जागते हैं, तब फिर से मांगलिक कार्य प्रारंभ होते हैं। इस साल देवउठनी एकादशी एक नवंबर को है।
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खरमास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य
खरमास को लेकर ज्योतिष में कहा जाता है कि इन दिनों में ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा प्रभावशाली रहती है। इसलिए कोई भी शुभकार्य संपन्न नहीं किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य जब मीन राशि में या फिर धनु राशि में होते हैं तो उनकी ऊर्जा काफी कम होती है। मान्यता है कि शुभ कार्य के संपन्न होने के लिए सूर्य का तेजस्वी होना जरूरी होता है। इसलिए खरमास के बाद ही शुभ कार्य करना अच्छा माना जाता है।
अप्रैल से दिसंबर तक शादी के शुभ मुहूर्त
माह मुहूर्त
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अप्रैल- 14,16 , 18 , 19, 20, 21, 25, 29, 30
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मई- 1, 5, 6 , 8 , 10, 14, 15, 16 , 17, 18 , 22, 23, 24, 27, 28
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जून- 2, 4, 5, 7, 8
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नवंबर- 2, 3, 6 , 8 , 12, 13, 16 , 17, 18 , 21, 22, 23, 25, 30
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दिसंबर- 4, 5, 6 आदि।