सीहोर में एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष मनीष मेवाड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा घोटाला की सीबीआई से जांच कराने और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग मध्यप्रदेश के राज्यपाल से की गई। एनएसयूआई के छात्र नेता सर्वेश व्यास ने प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षार्थियों के साथ सरकार के द्वारा अन्याय किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष मनीष मेवाड़ा ने कहा कि पटवारी परीक्षा में टॉप टेन में से सात छात्र ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज से हैं। वहीं, 9000 अभ्यर्थियों में से अधिकतर चयनित अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के कॉलेज हैं। इसमें जालसाजी साफ नजर आ रही है। यही नहीं टॉपर के अधिकतर हस्ताक्षर हिंदी में हैं और एक ही परीक्षा केंद्र में इतनी टॉपर आना जांच का विषय है।
दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त परीक्षा केंद्र के इतने कठिन पेपर में अन्य परीक्षा केंद्रों में से जहां अभ्यार्थी 140 नंबर नहीं ला पा रहा था, वहीं कथित तौर पर एनआरआई कॉलेज ग्वालियर में इस केंद्र में अभ्यर्थी ने 188 अंक हासिल किए, जो कि एक बड़ा परीक्षा परिणाम घोटाला साबित हो रहा है। प्रदर्शन में एनएसयूआई कार्यकर्ता सुमित नार, सोनू विश्वकर्मा, सूर्यान जादौन, विकास विश्वकर्मा, यमन यादव, शुभम मालवीय, राहुल कुशवाहा, अभिषेक लोधी, अंकुर ठाकुर, प्रियांशु परमार, उत्सव ठाकुर, सुयश प्रताप, सिद्धांत राय, अक्षत सेंगर, हर्षित बैरागी, केशव यादव, अर्जुन लोधी, दीपेश राजपूत, दिग्विजय मेवाड़ा, शिवा परमार, कृष्णा तिवारी और गजेंद्र मेवाड़ा सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।