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Sehore News: स्कूल बस में चार साल की बच्ची से हैवानियत, दरिंदे ड्राइवर को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Fri, 01 Aug 2025 07:51 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

कपड़े में खून के निशान देखकर मां को शक हुआ। उसके बाद मामले का खुलासा हुआ। न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल बस ड्राइवर को उसके शेष जीवनकाल तक जेल में रहने की सजा सुनाई है।
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जिला कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ की गई दरिंदगी पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल बस ड्राइवर को उसके शेष जीवनकाल तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। महिला थाना सीहोर द्वारा दर्ज प्रकरण में विशेष न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर (पॉक्सो न्यायालय, सीहोर) ने आरोपी रामकृष्ण पंवार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
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बहुचर्चित रहे इस मामले में पीड़िता की मां द्वारा 15 दिसंबर 2023 को महिला थाना सीहोर में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार उनकी 4 वर्षीय बेटी निजी स्कूल में के.जी.-1 में पढ़ती थी और रोज़ स्कूल बस से आती-जाती थी। 13 दिसंबर को जब वह स्कूल से लौटी तो सामान्य थी, लेकिन अगली शाम जब उसकी मां ने उसके कपड़े धोने के लिए उठाए तो लैगी में खून के धब्बे देखे।

जब मां ने बच्ची से पूछा तो उसने कांपते हुए बताया कि 13 तारीख की शाम को सभी बच्चे सातदेव मोड़ पर उतर गए थे और वह अकेली बस में रह गई थी। उसी वक्त बस ड्राइवर रामकृष्ण पंवार ने बस के अंदर उसके साथ अश्लील हरकत की और धमकाया कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देगा।
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पुलिस ने तत्परता से की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने 16 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके द्वारा चलाई जा रही स्कूल बस को जब्त किया। घटना स्थल का नक्शा बनाया गया, पीड़िता के बयान धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत न्यायालय में दर्ज कराए गए। सभी सबूत और बयानों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
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कोर्ट का कड़ा संदेश: बच्चों के खिलाफ अपराध पर कोई रहम नहीं
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रेखा यादव ने मजबूती से पक्ष रखा। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय कानून की धारा 5(एम)(एफ)/6 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दोषी पाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वालों को समाज में कोई जगह नहीं है।
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