भैरुंदा क्षेत्र के नर्मदा तट स्थित डिमावर रेत घाट पर गुरुवार को सामने आई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक 10 वर्षीय मासूम बालिका अस्त-व्यस्त अवस्था में बदहवास हालत में मिली। बच्ची की हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती हालात को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि मासूम के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य हुआ है।
पुलिस का त्वरित एक्शन, अज्ञात आरोपी पर दुष्कर्म का मामला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की। महिला पुलिसकर्मियों की मदद से बच्ची को अपनी सुरक्षा में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। एसडीओपी रोशन जैन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू कर दी है और पीड़िता की सुरक्षा व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
घटनास्थल पर पुलिस का पहरा, हर एंगल से जांच जारी
देर शाम तक एसडीओपी रोशन जैन स्वयं पुलिस बल के साथ डिमावर रेत घाट पर मौजूद रहे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के रास्तों, घाट क्षेत्र और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन अलग-अलग टीमों को संदिग्धों की तलाश में लगाया गया है।
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घटना के बाद ग्रामीणों में उबाल, प्रशासन पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक घटना के बाद डिमावर गांव सहित नर्मदा तटीय क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि रेत घाटों पर लंबे समय से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना हुआ है। दिन-रात अवैध गतिविधियों के चलते महिलाएं और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
अवैध उत्खनन बना अपराधियों का ठिकाना, पहले भी दी थी चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि महज तीन से चार दिन पहले ही उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन और घाटों पर पनप रही अराजकता को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि अवैध उत्खनन ने पूरे क्षेत्र को अपराधियों के लिए सुरक्षित अड्डा बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती की जाती, तो शायद आज यह दर्दनाक घटना नहीं होती। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।