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Sehore: 5वें दिन पारा पांच डिग्री के नीचे, तेज सर्दी के कारण स्कूलों का संचालन सुबह नौ बजे के पहले नहीं होगा

Fri, 13 Dec 2024 10:36 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में लगातार पांचवें दिन तापमान पांच डिग्री के नीचे रहा। वहीं, तेज सर्दी के कारण स्कूलों का संचालन सुबह नौ बजे के पहले नहीं होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बर्फीली हवाओं ने सीहोर जिले में एक बार फिर कोल्ड डे बना दिया है। इसके कारण लोगों को ठिठुरने को मजबूर कर दिया है। शुक्रवार को लगातार चौथा दिन है, जब न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। तेज ठंड के कारण अलसुबह से लगने वाले स्कूलों का संचालन भी अब नौ बजे के पहले नहीं होगा। इसे लेकर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। 

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इस वक्त हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। सरकार ने ठंड से बचाव के लिए अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिले में सर्दी को देखते हुए कलेक्टर प्रवीण सिंह ने स्कूलों के खुलने का समय बदल दिया है। नए आदेश के तहत सभी विद्यालय के समय को बढ़ाया गया है। जो नौ बजे के पहले स्कूल खुलने वाले थे, सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि सुबह नौ बजे के बाद ही स्कूलों को खोला जाए। 

कलेक्टर प्रवीण सिंह ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्कूलों के टाइम में बदलाव का फैसला लिया है। उन्होंने प्राइवेट स्कूल के संचालकों को सख्त हिदायत दी है। अगर स्कूल प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निजी स्कूलों को प्रशासन द्वारा निर्धारित समय पर स्कूलों का संचालन करना होगा।
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शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री हुआ दर्ज
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। शुक्रवार को लगातार पांचवे दिन कोल्ड डे रहा। बर्फीली हवाओं के कारण लोग कड़ाके सर्दी से कंपकपाते नजर आए। उल्लेखनीय है कि उत्तर भारत में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं आ रही हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम में जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। उत्तरी दिशा में वेस्टर्न डिस्र्टवेंस और सायक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है, जिसके कारण मौसम में अत्याधिक ठंडक महसूस हो रही है और शीतलहर अपना पावर दिखा रही है। हवाओं की गति सामान्य से अधिक होने के कारण शीतलहर के प्रभाव से जहां कोल्ड डे की स्थिति निर्मित हो रही है, वहीं खेतों में औस की बूंदे भी जम रही हैं।
 
शीतलहर से बचाव के लिए एडवॉइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने शीतघात व शीतलहर को लेकर पर्याप्त सावधानी बरतने की अपील आम नागरिकों से की गई है। शीत ऋतु में वातावरण का तापमान अत्यधिक कम होने पर शीत लहर का चलना प्रारंभ हो जाता है, जिसके कारण मानव स्वास्थ्य पर अनेक विपरित प्रभाव जैसे सर्दी जुकाम, बुखार, निमोनिया, त्वचा रोग, फेफड़ों में संक्रमण, हाईपोथर्मिया, अस्थमा, एलर्जी होने की आशंका बनी रहती है। विभाग ने सलाह दी है कि आमजन प्रभावी शीत लहर से बचने के लिए गर्म एवं ऐसे कपड़े जिनमें कपड़ों की कई परतें होती हैं, वह शीतलहर से बचाव के लिए अत्यधिक प्रभावी होते हैं। रजाई, कंबल, स्वेटर, गर्म कपड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए एवं मफलर, आवरण युक्त जलरोधी जूतों का उपयोग किया जाना चाहिए।

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