द्वितीय सत्र न्यायाधीश कंचन सक्सेना आष्टा ने अजय पिता रमेशचन्द्र बागवान निवासी सोनकच्छ जिला देवास को भादवि की धारा 307 में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक विजेन्द्रसिंह ठाकुर ने बताया कि घटना दिनांक 22 जून 2019 की है। आहत अन्नपूर्णा पिता मनीराम निवासी घुईया जिला कोरवा मेहतवाड़ा की सेल फैक्ट्री में काम करती थी। 22 जून को वह प्रियंका, सुनिता के साथ फैक्ट्री से मेहतवाड़ा बाजार जा रही थी। बायपास के आगे मेहतवाड़ा रोड पहुंची ही थी कि पीछे से एक व्यक्ति बाइक पर आया, उसने हेलमेट लगा था। उसके हाथ में लाल गमछा था, जिसमें भारी पत्थर बंधा था। उसने उसी पत्थर वाले गमछे से अन्नपूर्णा की पीठ पर वार किया, जिससे वह तुरंत बेहोश होकर गिर पड़ी और वह लहूलुहान हो गई। पुलिस ने जांच कर अजय पिता रमेशचन्द्र बागवान को गिरफ्तार किया। कोर्ट में चालान पेश किया। बताया जाता है कि अजय पहले अन्नपूर्णा के साथ सेल फैक्ट्री में काम करता था। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद अजय को दोषी करार दिया। उसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।