12 फरवरी से मोर्चे पर रहेगा पूरा बल
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने स्पष्ट किया कि 12 फरवरी दिन के समय से संपूर्ण पुलिस बल कुबेरेश्वर धाम क्षेत्र में तैनात रहेगा। आयोजन स्थल, मंदिर परिसर, कथा स्थल और हाईवे मार्गों के लिए अलग-अलग प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक पिकेट और चेक पॉइंट पर जवानों की ड्यूटी फिक्स की गई है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की ब्रीफिंग और रिहर्सल
महोत्सव से पहले पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी जवानों की ब्रीफिंग कराई। रिहर्सल के दौरान जवानों को बताया गया कि किस स्थान पर किस तरह की ड्यूटी रहेगी, भीड़ नियंत्रण कैसे करना है और आपात स्थिति में किस अधिकारी से संपर्क करना है। निर्देश दिए गए कि सभी जवान विनम्र, सहनशील और शालीन व्यवहार रखें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सकारात्मक अनुभव मिले।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशासन ने विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। महिला पुलिस बल की अलग टीम तैनात की गई है जो कथा स्थल, मंदिर परिसर और पार्किंग क्षेत्र में लगातार निगरानी रखेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और इंदौर-भोपाल हाईवे पर जाम की आशंका को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। यह व्यवस्था 12 फरवरी सुबह 6 बजे से 21 फरवरी सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग होगी ताकि दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सके।
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पुलिस बल को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
भोपाल से इंदौर जाने वाले भारी वाहन मुबारकपुर जोड़ या तुमड़ा जोड़ से होकर श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-मक्सी मार्ग का उपयोग करेंगे। इसी तरह इंदौर और देवास से भोपाल जाने वाले भारी वाहन मक्सी-ब्यावरा होकर भेजे जाएंगे। इससे मुख्य हाईवे पर भीड़ और जाम की स्थिति कम होगी।
छोटे वाहनों को मिलेगी राहत
छोटे और सवारी वाहनों के लिए अलग मार्ग तय किया गया है। भोपाल से इंदौर जाने वाले वाहन न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आष्टा-इंदौर जा सकेंगे। इंदौर से भोपाल आने वाले वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग करेंगे। वहीं जो श्रद्धालु केवल कुबेरेश्वर धाम कथा स्थल पर आना चाहते हैं, उनके लिए कोई डायवर्जन नहीं रहेगा। वे सीधे हाईवे से धाम पहुंच सकेंगे और निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। इससे भक्तों को अनावश्यक घुमाव से राहत मिलेगी।
हाईटेक निगरानी से सुरक्षित होगा आयोजन
इस बार सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। सभी प्रमुख चौराहों, डायवर्जन पॉइंट्स और पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम से पूरे क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा बड़ी क्रेन, गैस कटर, वेल्डिंग मशीन और मैकेनिकों की भी व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
अधिकारियों के बीच व्हाट्सएप नेटवर्क
सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए नजदीकी जिलों के अधिकारियों का एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। किसी भी प्रकार की घटना या समस्या की जानकारी सेकंडों में सभी अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।
कलेक्टर और एसपी की सीधी निगरानी
पूरे आयोजन पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की सीधी नजर रहेगी। पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी मूलभूत सुविधाओं को पहले ही दुरुस्त कर लिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और यातायात सुचारु बना रहे।
भक्ति और सुरक्षा का अद्भुत संगम
रुद्राक्ष महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। प्रशासन की मजबूत तैयारी यह सुनिश्चित करेगी कि भक्त न केवल शिवभक्ति में लीन रहें, बल्कि स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित भी महसूस करें। कुबेरेश्वर धाम इस बार न सिर्फ भक्ति का केंद्र बनेगा।
पुलिस बल को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।