सीहोर में दूध डेयरियों पर छापे मारे गए.
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मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय पर मिलावट से मुक्ति अभियान में छापामार कार्रवाई से दूध कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकान बंद कर गायब हो गए। खाद्य विभाग ने इस दौरान कई जगह सैंपल लिए। चिलिंग सेंटर, कूलिंग यूनिट से दूध के छह नमूने जब्त कर राज्य परीक्षण प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया।
शादियों और त्यौहार का सीजन शुरू हो गया है और दूध से निर्मित खाद्य पदार्थ जोरों से मार्केट में और शादी-पार्टियों में इस्तेमाल हो रहे हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी जमकर चल रही है। फिर चाहे बात दूध, मक्खन, पनीर या खोआ जैसे अन्य पदार्थों की ही क्यों न हो। मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं। इसके बाद भी मिलावटी दूध बेचने वाले बाज नहीं आ रहे। इसी की वजह से कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देश पर एसडीएम अमन मिश्रा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने चिलिंग सेंटर, बल्क मिल्क कूलिंग यूनिट, अनिक चिलिंग, पवन श्री मिल्क चिलिंग सेंटर श्रीधि, नरबदा डेरी के चिलिंग सेंटर, हंबल काऊ प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के चिलिंग सेंटर पर कार्यवाही की। साथ ही छह नमूने जब्त कर राज्य परीक्षण प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे हैं। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से दूग्ध उत्पाद, मिल्क केक, बर्फी, दूध, अन्य खाद्य पदार्थों का सर्विलांस नमूने मौके पर जांचे। प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई करने के निर्देश भी दिए हैं।