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MP News: कुबेरेश्वर धाम में महाराष्ट्र की बुजुर्ग महिला की मौत, कांवड़ यात्रा से पहले सुरक्षा पर उठे सवाल

Sun, 23 Aug 2026 09:25 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

कुबेरेश्वर धाम में महाराष्ट्र से दर्शन करने आई करीब 70-75 वर्षीय कौशल बाई कवड़े की अचानक सीने में दर्द के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में हार्ट अटैक की बात सामने आई है। कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य और भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
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कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
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विस्तार
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कुबेरेश्वर धाम में दर्शन के लिए महाराष्ट्र से आई करीब 70-75 वर्षीय महिला श्रद्धालु कौशल बाई कवड़े की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह धाम परिसर में विश्राम कर रही थीं, तभी अचानक सीने में दर्द हुआ और उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उपचार मिल पाता, इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद उनके साथ आए परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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नागपुर से दर्शन करने पहुंची थीं कौशल बाई
मृतका महाराष्ट्र के नागपुर के आसपास के क्षेत्र की रहने वाली थीं। परिजन उन्हें लेकर कुबेरेश्वर धाम दर्शन के लिए आए थे। परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अफरा-तफरी की स्थिति बनी। परिजनों ने शव को वापस गृह क्षेत्र ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था की। अस्पताल और स्थानीय स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।

एक मौत ने फिर खड़े किए स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल
कुबेरेश्वर धाम में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। ऐसे में किसी श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता, एम्बुलेंस और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। कौशल बाई की मौत की घटना ने इसी आपातकालीन व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि चिकित्सा सहायता पहुंचने में कितनी देर लगी या मौत की चिकित्सकीय पुष्टि किस स्तर पर हुई।
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पिछले आयोजनों में भी हो चुकी हैं श्रद्धालुओं की मौतें
कुबेरेश्वर धाम और आसपास के बड़े आयोजनों के दौरान पहले भी श्रद्धालुओं की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा और धाम से जुड़े आयोजनों के दौरान सात श्रद्धालुओं की मौत होने की बात सामने आई थी। इनमें रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर भीड़ के बीच मची भगदड़ में दो महिलाओं की जान चली गई थी। इसके अलावा आयोजनों के दौरान कई किलोमीटर लंबा जाम लगने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। लगातार बड़े आयोजनों और भारी भीड़ के बीच इन घटनाओं ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सहायता और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है।

कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा
अब 24-25 अगस्त की कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन ऑपरेशन मोड में है। सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वर धाम तक पूरे यात्रा मार्ग को सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। रविवार से आसपास के जिलों से करीब 800 पुलिसकर्मियों का बल पहुंच चुका है, जबकि सीहोर जिले के करीब 400 पुलिसकर्मी भी व्यवस्था में लगाए गए हैं। होमगार्ड, एसडीआरएफ और अन्य विभागों के अमले को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

संदिग्धों से लेकर ट्रैफिक तक पर पैनी नजर
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने ड्यूटी पर तैनात बल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी। संवेदनशील क्षेत्रों, फिक्स पिकेट्स और यात्रा मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। हाईवे, मुख्य मार्ग और डायवर्जन रूट पर यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी होगी। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सीवन घाट पर नदी में उतरने की मनाही
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीवन नदी घाट पर इस बार अलग व्यवस्था की गई है। नदी में उतरकर जल लेने की जरूरत न पड़े, इसके लिए घाट के ऊपर बड़ी संख्या में नल लगाए गए हैं। पंप के माध्यम से नदी का पानी इन नलों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नदी में नहीं उतरने और नलों से ही कांवड़ में जल लेने की अपील की है। घाट पर सुरक्षा दल और बोट तैनात रहेंगे तथा बैरिकेडिंग के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
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अब हर सेक्टर पर नजर, व्यवस्था की सीधी मॉनिटरिंग
कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, पार्किंग और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है। अधिकारियों को अपने निर्धारित प्वाइंट पर मौजूद रहकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीवन घाट और कुबेरेश्वर धाम का पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया है। कांवड़ यात्रा से ठीक पहले हुई बुजुर्ग महिला की मौत ने प्रशासन के सामने एक अहम चुनौती जरूर रख दी है। लाखों की संभावित भीड़ के बीच हर श्रद्धालु को सुरक्षित रखना। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सुरक्षा के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से काम करती है।

प्रशासन ने तैयारियों को लेकर बैठक भी की .
 

कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस ने संभाला मोर्चा। 

 

जिस महिला की मौत हुई, उसके परिजन

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