देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में महिलाओं के साथ दुराचार की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, आदिवासी समुदाय के लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। जो सोशल मीडिया के जरिए पूरे देश के सामने आ गई है। इन घटनाओं के सामने आने के बाद मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल के निर्देश पर सीहोर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष गुलाब बाई ठाकुर ने केंद्र और मणिपुर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर वंदना राजपूत को सौंपा। ज्ञापन के जरिए राष्ट्रपति से मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन के मुताबिक, मणिपुर राज्य की भाजपा सरकार कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही है। लंबे समय से मणिपुर जैसे शांत प्रदेश में सांप्रदायिक शक्तियां भाजपा राज्य सरकार के संरक्षण में आदिवासियों का नरसंहार कर रही है। इस सब पर केंद्र सरकार की चुप्पी समझ से परे है। पूरे देश में आदिवासी समुदाय का विश्वास केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार से उठ गया है। इसलिए सीहोर जिला महिला कांग्रेस अविलंब मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर कानून व्यवस्था बहाल करने की मांग राष्ट्रपति महोदय से करती है। साथ ही अनुरोध करती है कि देश भर में भाजपा शासित राज्यों में आदिवासी वर्ग के अधिकारों को संरक्षण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही इसके लिए केंद्र और सभी राज्यों को एक एडवाईजरी जारी कर उचित दिशानिर्देश प्रदान करने का कष्ट करें।
इस दौरान महिलाओं ने केंद्र और मणिपुर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए तत्काल आदिवासी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन का वाचन ममता कीर द्वारा किया गया और सभी उपस्थित महिलाओं का आभार मीरा बाई रायकवार द्वारा व्यक्त किया गया।
इस मौके पर मालती मालवीय, ममता ठाकुर, प्रेमलता महेश्वरी, ममता शर्मा, संगीता, नीतू सिंह, दिपिका शर्मा, लक्ष्मी ठाकुर, रंजना ठाकुर, हेमलता चौहान, सुनीता बाई, अलका यादव, आरती महेश्वरी, बसंता विश्वकर्मा, सीताबाई मालवीय, रजनी शर्मा, शबाना मंसूरी और पंकज शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।