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ED Raid In Sehore: परमार के आष्टा और इंदौर ठिकानों पर ईडी की रेड, चल-अचल और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले

Sat, 07 Dec 2024 08:23 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर जिले में परमार के आष्टा और इंदौर ठिकानों पर ईडी की रेड हुई है। कई अचल, चल और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। साथ ही तीन लाख से ज्यादा की नकदी भी जब्त हुई है।
 
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ईडी अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल ईडी ने सीहोर के आष्टा और इंदौर में छापामार कार्रवाई करते हुए बेनामी दस्तावेज और नकदी जब्त की है। प्रवर्तन निदेशालय ने आष्टा निवासी मनोज परमार और उसके सहयोगियों के ठिकानों से कई बेनामी दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी अफसरों की जंबो टीम ने आष्टा के शांति नगर स्थित घर परमार के घर और इंदौर स्थित चार ठिकानों पर छापा मार कर साढ़े तीन लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं।

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ईडी भोपाल जोनल कार्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। इसमें मनोज परमार और अन्य के मामले में प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा और इंदौर जिलों में स्थित चार परिसर पर पांच दिसंबर को सर्चिंग अभियान चलाया गया था। तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और अचल व चल संपत्तियां पाई गईं हैं। इन्हें जब्त कर लिया गया है, जब्त संपत्ति में बैंक बैलेंस भी शामिल है।

पंजाब बैंक में हुए छह करोड़ के घोटाले का भी आरोपी रह चुका है परमार
आपको बता दें कि मनोज परमार का नाम तब सुर्खियों में आया था, जब पंजाब नेशनल बैंक में छह करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआई ने मनोज को मुख्य आरोपी बनाया था। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में आष्टा की पंजाब नेशनल बैंक में करीब छह करोड़ रुपये के फर्जी ऋण मामला सामने आया था, जिसमें यह मामला आष्टा पुलिस के साथ सीबीआई के हाथ में पहुंचा था। इस दौरान सीबीआई ने मुख्य आरोपी के घर से अहम दस्तावेज भी जब्त कर अपने साथ ले गई है।
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गौरतलब है कि शहर में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में हुआ था। इसमें फर्जी तरीके से ऋण लेकर करोड़ों रुपये की चपत लगाई गई थी। मामला जब उजागर हुआ तो अफसरों तक के पैरों तले की जमीन खिसक गई थी। पीएनबी के राजेंद्र मोहन नायर ने वर्ष 2017 में फर्जी ऋण के मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में रेडीमेड वस्त्र निर्माण के लिए ऋण लेने आवेदनकर्ता सांई कॉलोनी आष्टा निवासी प्रशांत गुप्ता, परमार मशीनरी व कृषि सेवा केंद्र के प्रोपाराइटर मनोज परमार ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक एमपी करारी, बैंक अधिकारी एसएन विश्वकर्मा व बैंक व जिला उद्योग केंद्र सीहोर के पदाधिकारियों के साथ मिलकर छल, कपट से षड्यंत्र रचकर व्यवसाय प्रारंभ नहीं करने पर भी ऋण राशि प्राप्त कर अवैध लाभ प्राप्त किया था। जांच के बाद सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। वहीं, मामले में मुख्य आरोपी मनोज परमार को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।

सीबीआई ने किया था मामला दर्ज, बनाया था मुख्य आरोपी
आपको बता दें कि सीबीआई ने भी पंजाब नेशनल बैंक में हुए घोटाले के बड़े मामले में मनोज परमार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला कायम किया था। दो दिसंबर 2017 को सीबीआई की 15 सदस्यों की टीम ने आष्टा पहुंचकर मुख्य आरोपी मनोज परमार के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। घंटों तक चली कार्रवाई में टीम ने आरोपी के घर से कई मुख्य दस्तावेज बरामद कर अपने साथ ले गई थी, जिस तरह बीते दिवस ईडी की छापामार कार्रवाई से हड़कम मचा था। वैसे ही सीबीआई की कार्रवाई से भी आष्टा में हड़कंप का माहौल बना था। उल्लेखनीय है कि छह करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा का यह घोटाला था। वहीं, एक बार फिर ईडी की रेड से मनोज परमार सुर्खियों में आ गया है।

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