यदि अब कोई भी अवैध खनन करते पकड़ाया तो रॉयल्टी का 15 गुना अधिक जुर्माना भरना पड़ेगा।
- फोटो : फाइल फोटो
खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई के लिए 2022 नियम 5 अप्रैल से लागू किए गए हैं। इसके तहत यदि कोई भी व्यक्ति अवैध उत्खनन एवं उसका परिवहन करते पकड़ाया तो उसे रॉयल्टी का 15 गुना अधिक जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा इतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति की भी वसूली जाएगी। यदि कोई अवैध उत्खनन कारोबारी यह राशि जमा नहीं करेगा तो उसके वाहन राजसात किए जाएंगे और इस राशि से जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में सरकार ने गजट नोटिफिकेशन भी कर दिया है।
इतना लगेगा जुर्माना
| डंपर एवं 6 पहिया वाहन |
एक लाख रुपये |
| 10 पहिया वाहन |
2 लाख रुपये |
| दस पहिया से अधिक वाहन |
4 से 6 लाख रुपये |
| जेसीबी मशीन |
2 लाख रुपये |
| पोकलेन मशीन |
4 लाख रुपये |
| ट्रैक्टर-ट्रॉली |
25 हजार रुपये |
| अन्य प्रकार के वाहन एवं लोडर |
मूल्य का 10 प्रतिशत |
सीहोर जिले में रेत, गिट्टी, मिट्टी सहित खोपरे का खनन किया जाता है। इसके लिए खनिज विभाग द्वारा अनुमतियां दी जाती हैं, लेकिन जिले में बड़ी मात्रा में अवैध खनन का कारोबार भी चलता है। कई अवैध खनन कारोबारी वर्षों से इस धंधे में सक्रिय हैं और चोरी-छिपे वे अवैध मिट्टी, गिट्टी, रेत सहित खोपरे का कारोबार संचालित कर रहे हैं, लेकिन अब ऐसे अवैध कारोबारियों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने नए नियम बना दिए हैं। इसके तहत यदि कोई भी अवैध खनन करते या इनका परिवहन करते पकड़ाया तो उसकी खैर नहीं है। सीहोर जिले में वर्ष 2021-22 में अवैध उत्खनन के 293 मामले दर्ज किए गए थे। अवैध खनन करने वालों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया था।
जमकर होता है अवैध उत्खनन
सीहोर जिले में अवैध मिट्टी, गिट्टी सहित खोपरे का जमकर अवैध उत्खनन किया जाता है। सबसे ज्यादा उत्खनन बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कई हिस्सों में किया जाता है। हालांकि इस क्षेत्र में रेत की भी बड़ी खदानें हैं, लेकिन रेत के अवैध उत्खनन पर कंपनी द्वारा काफी अंकुश लगाया गया है, इसलिए रेत का अवैध उत्खनन बेहद कम हो गया है। इसके लिए जांच चौकियां भी बनाई गई हैं, ताकि बिना रॉयल्टी एवं अवैध रेत के डंपर नहीं निकलें।
सीहोर जिले के खनिज अधिकारी राजेंद्र परमार का कहना है कि अवैध उत्खनन पर लगातार कार्रवाई की जाती है। अब अवैध उत्खनन करने वालों से रॉयल्टी का 15 गुना अधिक वसूला जाएगा। इसके लिए नए नियम बनाए गए हैं, ताकि अवैध उत्खनन पूरी तरह से बंद हो।