प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। पंचायत चुनावों के पहले कराई जा रही परिसीमन की प्रक्रिया में सीहोर जिलों में 45 नई पंचायतों को शामिल किया गया है, जिसके बाद जिले में पंचायतों की संख्या बढ़कर 497 से 542 हो गई है। आगामी पंचायत चुनावों में अब जिले की 542 पंचायतों में सरपंच चुने जाएंगे। इससे पहले 2019 के परिसीमन के समय जिले में 8 नई पंचायतों को जोड़ा गया था, लेकिन बाद में उन्हें निरस्त कर दिया गया था।
परिसीमन के पहले माना जा रहा था कि 2019 के आधार पर ही परिसीमन को दोहराया जाएगा, लेकिन परिसीमन के नियमों में बदलाव के बाद ये दावा खारिज हो गया। पहले किए गए परिसीमन में ये तय किया गया था कि 2011 की जनगणना के अनुसार जिन गांवों की जनसंख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है, वहां नई ग्राम पंचायतों का गठन किया जाएगा, जिसके तहत जिले में 8 पंचायतें बढ़ाईं गई थीं, लेकिन वर्तमान में हुए परिसीमन के बाद जिले के नसरुल्लागंज में सबसे ज्यादा 14 पंचायतें, सीहोर, आष्टा में 10-10, इच्छावर में 7 और बुधनी में 4 पंचायतें बढ़ेंगी।
सीहोर में परिसीमन के आधार पर 10 ग्राम पंचायतें बढ़ाई गई हैं। इनमें पाटेर, रावनखेड़ा, दुरगांव, धोबीखेड़ी, शाहपुर कोडिया, सागौनी, भंडेली, सालीखेड़ा, वीलखेड़ा खुर्द और मुगीसपुर शामिल हैं। वहीं आष्टा में बडखेड़ा, अतरालिया, कांकरियाखेड़ी, आंवलीखेड़ा, उमरदड़, कोटियानाला, हकीमपुरा, पारदीखेड़ी, जाफरावाद, खटसुरा ये 10 पंचायतें जोड़ी जाएंगी।
जिले में सबसे ज्यादा 14 ग्राम पंचायतें नसरुल्लागंज में जोड़ी जाएंगी, जिनमें ससली, कोसमी, मोगराखेड़ा, लांबापानी, आमडो, बोरखेड़ी, जमुनियाकलां, सोहनखेड़ी, बोरखेड़ाखुर्द, सिराली, जामुनिया बाजयाप्त, महागांव कदीम, बरखेड़ी और सेवनिया शामिल हैं। इच्छावर में 7 ग्राम पंचायतों में पटारियासीधा, शाहपुरा, रघुनापुरा, कल्याणपुरा धाकड़, मोयापानी, धारखेड़ा और रामगड़, बुधनी में चार ग्राम पंचायतों में ऊंचाखेड़ा, लालपुरा, मड़ावन और ग्वाडिया शामिल हैं।