टीम मेले में बिछड़ गए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर कर रही है।
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नवरात्रि पर सतना जिले में स्थित मां शारदा के दर्शन करने वालों का तांता लगा हुआ है। यहां मेला भी लगा है। यहां की टीम मेले में बिछड़ गए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर कर रही है। ड्यूटी से ज्यादा सेवा भाव का असर ये है कि यहां से अच्छी यादें लेकर भक्त लौट रहे हैं।
चार वर्षीय बालक रूपेंद्र सरोज पिता छेदीलाल निवासी पुराबगोतरी थाना मंझनपुर जिला प्रयागराज अपने परिवार के साथ मैहर मंदिर दर्शन करने आया था। मेले की भीड़ में परिवार से बिछड़ गया। जिसे 3 घंटे के अंदर उसके परिजनों को सौंपा गया। डेढ़ साल की बच्ची मानवी पिता विशाल पटेल निवासी लमेटाघाट जिला जबलपुर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गई। इसे भी 5 घंटे की मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला गया और परिजनों के सुपुर्द किया। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे से पूरे क्षेत्र में खोज की गई। ठीक ऐसे ही ढाई साल की बच्ची गौरी पिता सज्जन त्रिपाठी निवासी सुमेरपुर जिला हमीरपुर जो अपने परिवार के साथ मैहर मंदिर दर्शन करने आए थे जो भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ गई। सूचना पर तलाशी अभियान शुरू हुआ। कैमरे के जरिये क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू हुआ और 3 घंटे में बच्ची वापस परिजनों के साथ थी।