सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौतों के बाद प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वहीं, सतना के आबकारी अमले ने अवैध मदिरा के निर्माण और संग्रहण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यहां संचालित थी कच्ची शराब की मिनी फैक्ट्री
पिपरोखर गांव लंबे समय से कच्ची शराब बनाने और सप्लाई करने के लिए कथितरूप से चर्चित रहा है। यहां सक्रिय तस्करों का नेटवर्क सतना समेत दूसरे जिलों में भी सक्रिय रहा है। मौके पर पहुंची आबकारी टीम ने सघन सर्चिंग करते हुए जमीन में खोदे गए गड्ढों और झाड़ियों में छिपाकर रखे गए ढाई सौ से अधिक प्लास्टिक के डिब्बों में भरा लगभग 35 क्विंटल महुआ लाहन जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत तीन लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है।
कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए
जानें क्या बोले सहायक आबकारी आयुक्त?
इस पूरी कार्रवाई को लेकर सहायक आबकारी आयुक्त सुरेंद्र कुमार उरांव ने बताया कि सागर जिले की घटना के बाद शासन और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पूरे जिले में अवैध मदिरा के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नागौद के पिपरोखर गांव में दबिश देकर अवैध कच्ची शराब की मिनी फैक्टरी पकड़ी गई है और भारी मात्रा में महुआ लाहन व सामग्री नष्ट करते हुए प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
गौरतलब है कि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी इस तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे।