मरीज के परिजनों ने आपबीती बताई।
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बता दें कि सतना जिले के जैतवारा रेलवे स्टेशन में महाकौशल ट्रेन से गिरने के बाद घायल मरीज को जैतवारा जीआरपी की मदद से सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन मरीज को एम्बुलेंस संचालक ने गुमराह कर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। जहां डॉक्टर की ही व्यवस्था नहीं थी। सुबह से शाम तक इलाज के इंतजार में मरीज भर्ती रहा। इस दौरान उसके परिजनों से अस्पताल वालों ने 17 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब मरीज के परिजनों ने इलाज के लिए दबाव डाला तो उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई। परिजन आखिरकार लौटकर जिला अस्पताल पहुंचे।
बताया गया कि ये सारा खेल निजी अस्पताल और एंबुलेंस चालक की मिलीभगत से चल रहा है। एंबुलेंस चालक को मरीजों को लाने पर निजी अस्पताल से कमीशन दिया जाता है। इसी कमीशन के लालच में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। हालांकि मामले में परिजनों ने कहीं शिकायत नहीं की है।