मध्यप्रदेश में हुए व्यापं फर्जीवाड़े के आरोपियों में शामिल संजीव सक्सेना को एसटीएफ ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
संजीव श्रीवास्तव पिछले 6 महीनों से फरार चल रहे थे।
उनपर आरोप था कि व्यापं के तहत हुई संविदा शिक्षकों की नियुक्तियों की गड़बड़ियों में वे भी शामिल थे।
वे लंबे समय से फरार चल रे थे उन्होंने सोमवार सुबह सीजेएम अदालत में सरेंडर कर दिया। सोमवार को ही सीजेएम अदालत में उनकी संपत्ति कुर्क होने के संबंध में सुनवाई होनी थी।
22 नवंबर 2013 को दर्ज किए प्रकरण के बाद से ही संजीव सक्सेना को गिरफ्तार कर 17 मई तक रिमांड पर लिया है। संजीव सक्सेना ने 2013 में भोपाल से कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
सरेंडर नहीं करते तो संपत्ति कुर्क हो जाती
बीती 24 मार्च को सीजेएम अदालत ने संजीव के खिलाफ वारंट जारी करते हुए 7 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। कोर्ट में पेश न होने पर संजीव की संपत्ति कुर्क करने की तारीख 12 मई तय की गई थी। यदि वे सोमवार को अदालत न पहुंचते तो उनकी संपत्ति की कुर्की शुरू हो जाती।