सागर जिले के सानौधा थानांतर्गत आने वाले गिरवर गांव की महिलाओं ने महिला सशक्तिकरण की अद्वितीय मिसाल पेश की है। लंबे समय से स्थानीय थाने से अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की गुहार लगा रहीं महिलाओं ने बुधवार सुबह पुलिस की लापरवाही और उदासीनता से परेशान होकर खुद ही मोर्चा खोल दिया।
करीब 50 महिलाएं एकत्र होकर अवैध शराब बिक्री के ठिकानों पर पहुंचीं और छापामार कार्रवाई की। आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया और अवैध शराब भी जब्त कर पुलिस को सौंपी गई। यह कार्रवाई केवल महिला सशक्तिकरण का नहीं, बल्कि पुलिस की लापरवाही और नाकामी का भी बड़ा उदाहरण है। देशभक्ति और जनसेवा का नारा देने वाली पुलिस की मौजूदगी में महिलाओं को अपने घरेलू काम छोड़कर यह कदम उठाना पड़ा।
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दरअसल, गिरवर गांव में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री जोरों पर थी। कुछ लोग मिलकर पूरे गांव को नशे की लत में धकेल रहे थे। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दो दिन से महिलाओं का विरोध जारी था, फिर भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अंततः ग्रामीण महिलाओं ने हालात से समझौता करने के बजाय कार्रवाई का निर्णय लिया।
बुधवार सुबह 9 बजे करीब 50 महिलाओं ने गांव में शराब बेचने वाले तीन चिन्हित व्यक्तियों के ठिकानों पर दबिश देकर खदेड़ा। अचानक हुई इस कार्रवाई से शराब माफिया घबरा गए और भागने लगे, लेकिन महिलाओं ने उन्हें पकड़ लिया और मारपीट की। जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर उन्हें थाने ले जाया गया। इस दौरान शराब की बोतलें जब्त कर पुलिस को सौंप दी गईं। पुलिस ने आरोपी जयकुमार पिता हल्ले कुर्मी, मुन्ना खां पिता बब्बू खां, और राजू पिता धनीराम के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इनके पास से 23-23 पाव देसी शराब जब्त की है।
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महिलाओं ने कहा है कि वे किसी भी हालत में गांव में अवैध शराब नहीं बिकने देंगी। उन्होंने बताया कि शराब की लत के चलते पुरुष घर का मंगलसूत्र और बर्तन तक बेच चुके हैं। इससे उनके परिवार संकट में हैं। महिलाओं ने संकल्प लिया था कि जब तक आरोपियों को पुलिस के हवाले नहीं किया जाएगा, वे चाय तक नहीं पीएंगी।