सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र के ग्राम चांदामऊ में 5 दिसंबर की रात घर में लगी आग से झुलसे दो नाबालिग भाइयों की इलाज के दौरान मौत के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि 'वर्ग विशेष' के एक युवक द्वारा परिवार को जिंदा जलाने की सुनियोजित कोशिश थी। संगठनों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और आरोपी पर सख्त कार्रवाई के साथ उसका मकान तोड़ने की मांग की है।
बता दें कि ग्राम चांदामऊ निवासी गणेश चढ़ार के कच्चे मकान में 5 दिसंबर की रात आग लग गई थी। इस दौरान घर में सो रहे उनके तीन बच्चे—बेटी साक्षी चढ़ार (22), बेटा अनुज (19) और कार्तिक (15)—गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के समय परिजन घर पर मौजूद नहीं थे। तीनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान अनुज और कार्तिक (दोनों भाई) की मौत हो गई। साक्षी का इलाज अभी भी जारी है।
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प्रेम प्रसंग और आगजनी का आरोप
मामले ने तब तूल पकड़ा जब हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि गांव का रहने वाला युवक फईम उर्फ छोटू खान लगातार पीड़ित परिवार की बेटी साक्षी को परेशान कर रहा था और धमकाता था। संगठनों के मुताबिक, घटना की रात फईम ने युवती को फोन कर मिलने बुलाया, लेकिन जब युवती नहीं आई, तो उसने आक्रोशित होकर घर में आग लगा दी। इस आगजनी के कारण दो मासूम जिंदगियां चली गईं।
एसपी कार्यालय में प्रदर्शन और मांग
मंगलवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे और एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके को ज्ञापन सौंपा। संगठन के कार्यकर्ता पप्पू तिवारी ने आरोप लगाया कि घटना को लंबा समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी फईम खान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जिले में अपराधियों का खौफ खत्म हो गया है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि आरोपी फईम खान के खिलाफ हत्या और आगजनी की धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए। उसका अवैध मकान तोड़ा जाए।
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उग्र आंदोलन की चेतावनी
पप्पू तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने जल्द ही मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो हिंदू संगठन उग्र आंदोलन करेंगे और सागर बंद कराया जाएगा। एडिशन एसपी डॉ. संजीव उईके ने संगठनों को आश्वासन दिया है कि मामले के हर बिंदू पर गंभीरता से जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।