नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर नगर निगम ने बाघराज वार्ड में अवैध कॉलोनियों के निर्माण में संलिप्त 21 कॉलोनाइजर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में इन्हें 15 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यदि इस अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
निगम उपायुक्त द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि सहायक यंत्री और उपयंत्री द्वारा संयुक्त रूप से किए गए निरीक्षण में पाया गया है कि कॉलोनाइजर्स ने बिना आवश्यक दस्तावेज और अनुमतियों के कृषि भूमि को प्लॉट में बांटकर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया है। यह निर्माण मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के नियम 292 और मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 का उल्लंघन है।
निरीक्षण के दौरान बिना कॉलोनी नाइजर लाइसेंस के भूमि का विभाजन, ग्राम एवं नगर निवेश की अनुमति के बिना कॉलोनी निर्माण, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और निम्न आय वर्ग के लिए भूखंडों और भवनों का प्रावधान, बाहरी और आंतरिक विकास कार्यों की कमी, जैसे कि रोड, नाली, सीवरेज, जलप्रदाय, विद्युत लाइन आदि की सुविधाओं के अभाव, जैसी कमियां मिली हैं।
ऐसा करना मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 के नियम 292 (ग) के उपनियमों के तहत यह अपराध दंडनीय है, जिसमें 7 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। नियम 292 (ड) के अंतर्गत अवैध भूखंडों का क्रय-विक्रय शून्य घोषित किया जाएगा। कॉलोनाइजर्स को आदेशित किया गया है कि वे अवैध विकास कार्यों को रोकें और 15 दिनों के भीतर नगर निगम कार्यालय में दस्तावेज प्रस्तुत करें। अन्यथा, अवैध कॉलोनी में किए गए सभी निर्माण हटाए जाएंगे और संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।