सागर जिले रहली में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने साले के कत्ल के मामले में आरोपी जीजा को दोषी करार दिया है। उसे सश्रम आजीवन कारावास एवं पांच सौ रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक विजय तिवारी ने बताया कि मृतक भगवानदास पटेल अपनी बहन अनिता और जीजा बाबूलाल निवासी चिलोंन थाना नोहटा जिला दमोह के साथ रहली की बलेह चौकी के ग्राम महुआ सेमरा शादी समारोह में शामिल होने गया था। जहां 22 अप्रैल 2019 को रात्रि दो बजे भगवान दास पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के गले, पैर और गुदाद्वार में चोटों के निशान थे। जांच में पता चला कि उसकी हत्या की गई है।
घटना में मृतक के परिजनों ने जीजा पर संदेह व्यक्त किया था। परिजनों ने बताया कि आरोपी बाबूलाल अपने साले भगवानदास पटेल को अपने साथ ले गया था। पुलिस ने जब मामले की परतें खंगाली तो साफ हो गया कि उसके जीजा बाबूलाल ने उसकी हत्या की है। जब बाबूलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या करना कबूल कर लिया।
मेमोरंडम कथन एवं परिजनों के कथनों और साक्ष्यों के आधार पर द्वितीय अपर सत्र न्यायधीश द्वारा आरोपी बाबूलाल पटेल को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास एवं पांच सौ रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक विजय तिवारी ने की।