शिक्षा विभाग की लापरवाहियों की कहानी तो कई बार सुनी होगी, लेकिन इनमें एक बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि शिक्षा विभाग और स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही के कारण स्कूल परिसर कब्रिस्तान बनता जा रहा है। यहां लोग शव दफनाने के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी कुछ लोग स्कूल प्रांगण में शव को दफनाने के लिए पहुंचे, जिसकी शिकायत आसपास के लोगों ने प्रशासन और बाल आयोग सदस्य से की। बाल आयोग के सदस्य ओमकार सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को दफनाने से रोका, जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। आसपास के थानों का पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, गिरवर गांव निवासी अहमद खान (62) का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के लिए गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल परिसर की बावड़ी के अंदर कब्र खोदी जा रही थी। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने बाल आयोग सदस्य ओमकार सिंह और पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्र खोदने से रोक दिया।
यह पहला मामला नहीं था, जब लोग स्कूल परिसर में शव दफनाने के लिए पहुंचे थे। इससे पहले 15 अगस्त 2024 को भी स्कूल परिसर में शव दफनाया गया था। उस समय स्कूल स्टाफ और गांव के सरपंच को इसकी जानकारी थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिससे लोग इसे कब्रिस्तान समझने लगे। मृतक के परिवार और प्रशासन के बीच कब्रिस्तान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बाद ही अंतिम संस्कार हुआ। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने कहा कि जानकारी लेकर संबंधितों के खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे। मौके पर रहली एसडीओपी प्रकाश मिश्रा, नायाब तहसीलदार विजय कांद्र त्रिपाठी, थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर, एसआई बालाराम छारी, शाहपुर चौकी प्रभारी राजेश शर्मा, गढ़ाकोटा थाना प्रभारी रजनीश दुबे, पटवारी नंदनी मिश्रा और सरपंच रमेश गौर सहित भारी पुलिस बल मौजूद था।
स्कूल में कब्रिस्तान
स्कूल में कब्रिस्तान
स्कूल में कब्रिस्तान