प्रतिभा सिंह ने नेशनल शूटिंग टीम में बनाई जगह
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कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो उम्र और जिम्मेदारियां भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन पातीं। इस बात को सागर की 36 वर्षीय प्रतिभा सिंह ने सच कर दिखाया है। दो बेटियों की मां प्रतिभा ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित 68वीं नेशनल पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय नेशनल टीम के लिए क्वालिफाई किया है।
इस उपलब्धि के साथ प्रतिभा सिंह जिले की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने शूटिंग के क्षेत्र में नेशनल स्तर तक पहुंचकर इतिहास रच दिया है।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉ. अजय सिंह की पत्नी प्रतिभा को बचपन से ही आर्मी में जाने का शौक था लेकिन कम हाइट के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। शादी के बाद भी पिस्टल शूटिंग के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। पति के सहयोग से उन्होंने लाइसेंसी पिस्टल खरीदी और अपनी नई यात्रा की शुरुआत की। जब उन्होंने शूटिंग एकेडमी जॉइन की तो समाज की आलोचनाओं और तानों का सामना करना पड़ा लेकिन प्रतिभा ने सभी नकारात्मकताओं को नजरअंदाज करते हुए अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।
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प्रतिभा की लगन और मेहनत देखकर उनके पति डॉ. अजय सिंह ने उन्हें डिस्ट्रिक्ट शूटिंग एकेडमी में दाखिला दिलाया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने कई खिताब अपने नाम किए और अंततः नेशनल टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।
प्रतिभा सिंह की यह सफलता न केवल सागर जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड की महिलाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया कि मजबूत इरादे किसी भी सामाजिक दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारी से बड़े होते हैं।