सागर जिले में अब खेत में नरवाई सहित अन्य कचरा, घास-फूस आदि जलाया तो जुर्माना भरना पड़ेगा। कलेक्टर ने नरवाई जलाने को धारा-144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। पांच एकड़ के किसानों को 15,000 रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना प्रत्येक बार आग लगाने पर लगाया जाएगा। कलेक्टर संदीप जीआर ने जिले में किसानों द्वारा कृषि अवशेष नरवाई को जलाने और इससे होने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
नरवाई जलाने वाले किसानों पर जुर्माने की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। नरवाई जलाने से आगजनी की दुर्घटनाएं होती रही हैं। इसे रोकने एवं प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के प्रावधानों के अनुपालन करते हुए नरवाई जलाना तत्काल प्रतिबंधित किया गया है। जमीन के हिसाब से लगेगा जुर्माना नरवाई जलाने वाले किसानों पर उनकी जमीन के हिसाब से जुर्माने की कार्रवाई होगी। दो एकड़ तक के किसानों को 2500 रुपये जुर्माना लगेगा। दो से पांच एकड़ तक के किसानों को 5000 रुपये जुर्माना भरना होगा।
पांच एकड़ से बड़े किसानों को 15,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना प्रत्येक बार नरवाई जलाने पर देना होगा। अपने आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि नरवाई जलने से वातावरण प्रदूषित होता है तथा खेत की उपजाऊ क्षमता भी नष्ट होती है। आग में जलने से फसल उत्पादन में सहायक मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं तथा खेत की ऊपरी परत कठोर होने से जलभरण क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।