सागर जिले के बांदरी वन परिक्षेत्र में वन्य कर्मियों ने नीलगाय का शिकार करने वाले दो आरोपियों को पकड़ा है। रेंजर ओमप्रकाश बबेले ने बताया कि गुरुवार रात मुखबिर की सूचना मिली कि वीट पथरिया चिंटाई अंतर्गत ग्राम मगरा के पास नीलगाय का शिकार हुआ है। सूचना के आधार पर वन स्टाफ और सुरक्षा श्रमिकों के साथ ग्राम मगरा के समीप रज्जू आदिवासी के खेत में घेराबंदी कर दबिश दी गई। मौके पर शुरुआती जांच में कुछ नहीं मिला, लेकिन खेत में बने कुएं में रोशनी कर देखा गया तो उसका पानी पूरी तरह लाल था। तलाशी लेने पर कुएं में एक नर नीलगाय दो टुकड़ों में कटा हुआ मिला। साथ ही वहां पास में एक काले रंग की हीरो मोटरसाइकिल भी खड़ी थी।
इस दौरान पुलिस ने मौके से बिहारी पिता धनसिंह (28) और राहुल पिता कल्याण आदिवासी (18), निवासी चंद्रापुर ग्राम को पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि नीलगाय कुएं में गिर गई थी, जिसके बाद रितिक ने कुल्हाड़ी और पत्थरों से मारकर उसे कुएं में ही काट दिया, जिससे कुएं का पानी लाल हो गया। इसके बाद नीलगाय के मांस के टुकड़े कुएं से बाहर निकाल लिए गए। इन टुकड़ों को सभी आपस में बांटकर ले जाने वाले थे। लेकिन, इससे पहले वनकर्मी पहुंच गए। इस दौरान रितिक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
अपराधियों को जेल भेजा गया
टीम ने घटनास्थल से नीलगाय के दो टुकड़े, एक कुल्हाड़ी, तीन छुरियां और एक मोटरसाइकिल जब्त है। वहीं, बिहारी और राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।