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लोकायुक्त का बड़ा एक्शन; रिश्वतखोर रेंजर और बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार, लकड़ी परिवहन के नाम पर मांगे थे 1 लाख

Mon, 13 Apr 2026 06:33 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

सागर के बंडा वन परिक्षेत्र में लोकायुक्त ने रेंजर और बाबू को ₹50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। किसान से टीपी अनुमति के लिए ₹1 लाख मांगे गए थे। दोनों पर केस दर्ज कर लिया गया है। 

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कार्रवाई करती लोकायुक्त की टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंडा वन परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ रेंजर विकास सेठ और क्लर्क (बाबू) जयप्रकाश तिवारी को एक किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खेत की लकड़ी के परिवहन (टीपी) की अनुमति देने के बदले भारी रिश्वत की मांग की थी।

टीपी अनुमति के लिए बनाया दबाव
फरियादी किसान विजय सिंह राजपूत ने बताया कि उन्हें अपने खेत में लगी लकड़ी के परिवहन के लिए वन विभाग से अनुमति चाहिए थी। इसके लिए उन्होंने बंडा वन परिक्षेत्र कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि वहां पदस्थ बाबू जयप्रकाश तिवारी और रेंजर विकास सेठ ने इस काम के बदले ₹1 लाख की रिश्वत मांगी। किसान के अनुसार, वह पहले ही ₹40 हजार दे चुका था, इसके बावजूद शेष राशि के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।  

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लोकायुक्त ने बिछाया जाल, रंगे हाथ गिरफ्तार
रिश्वत की मांग से परेशान होकर किसान ने सागर लोकायुक्त से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को जैसे ही किसान शेष ₹50 हजार लेकर कार्यालय पहुंचा, लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। रेंजर द्वारा पैसे लेते ही टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। हाथ धुलवाने पर रेंजर के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।

वन विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद बंडा वन विभाग में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल थे या नहीं।

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