मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत देवरी क्षेत्र में रविवार का दिन आफत बनकर टूटा। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच क्षेत्र में अलग-अलग सात स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में पकी खड़ी गेहूं की फसल समेत दो हार्वेस्टर जलकर खाक हो गए। आगजनी की इन चौतरफा घटनाओं से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
फायर ब्रिगेड के आते-आते जल चुकी थी फसल
ग्राम चिरचिटा में गेहूं की खड़ी फसल में अचानक अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। जब तक नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच पाती, तब तक दो एकड़ से अधिक के रकबे में लगी फसल जलकर खाक हो चुकी थी। हालांकि, दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास के अन्य खेत जलने से बच गए। इस घटना में दो-तीन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
कटाई के दौरान धू-धू कर जले हार्वेस्टर
आग की दूसरी बड़ी घटना ग्राम तीतर पानी में हुई, जहां गेहूं की कटाई करते समय एक हार्वेस्टर में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर समय रहते आग पर काबू पा लिया।
वहीं, ग्राम मुआर ससना में किसान सुरेंद्र सिंह राजपूत के खेत में कटाई कर रहे हार्वेस्टर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे हार्वेस्टर पूरी तरह जल गया। मशीन के ड्रम में भरा हुआ गेहूं और खेत में खड़ी फसल भी इसकी चपेट में आ गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका के फायर ब्रिगेड चालक जमील खान, बबलू प्रजापति, प्रकाश दुबे और गुलाब मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया।
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इन गांवों में भी मची तबाही
इन घटनाओं के अलावा क्षेत्र के गौरझामर, ईश्वरपुर, देगुवां और रायखेड़ा गांवों में भी आगजनी की घटनाएं प्रकाश में आई हैं। दमकल की सीमाएं होने के कारण नगर पालिका की टीम केवल 3 जगहों पर ही पहुंच सकी, जबकि शेष 4 स्थानों पर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पारंपरिक संसाधनों से आग पर काबू पाया। इन सभी गांवों में गेहूं की फसल जलने से किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है।
आग से जला हार्वेस्टर, मौके पर मौजूद स्थानीय लोग।