डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर में शीघ्र ही ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड मैन्युफैक्चरिंग का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के अभिमंच सभागार में गुजरात के कौशल्या स्किल युनिवर्सिटी और डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौशल्या स्किल यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रो. एसपी सिंह थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने की। इस अवसर पर प्रो. नवीन कानगो, प्रो. श्वेता यादव, प्रो. सुशील काशव, प्रभारी कुलसचिव डॉ. एस.पी. उपाध्याय उपस्थित थे।
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अकादमिक समझौता कार्यक्रम से पूर्व प्रो. एसपी सिंह ने कम्युनिटी कॉलेज के समन्वयकों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय पूरी तरह से केवल स्किल आधारित पाठ्यक्रम संचालित करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा निर्देशों के तहत हमें आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है। इस दिशा में प्रयास है कि देश के हर नागरिक के हाथ में कौशल हो ताकि आजीविका के लिए उनकी अन्य संसाधनों पर निर्भरता को कम किया जा सके। आज का युवा नए कौशल सीख रहा है। आने वाला समय कौशल का ही है, जिसके हाथ में कौशल होगा वही बेहतर योगदान दे पाएगा। यह आज के समय की मांग है कि हम युवाओं को ज्यादा सक्षम बनाएं। उन्होंने कौशल्या स्किल यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित अत्याधुनिक पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग एंड डिजाइन, ड्रोन ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड मैन्युफैक्चरिंग, प्लंबिंग इत्यादि स्किल आधारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ विश्वविद्यालय में संचालित कौशल विकास पाठ्यक्रमों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की।
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कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि इस अकादमिक समझौते से दोनों ही विश्वविद्यालय मिलकर साझा एकेडमिक कार्यक्रम चलाएंगे। दोनों संस्थानों के बीच आगे संवाद के जरिए कई अन्य पाठ्यक्रमों के संचालन की संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का एक महत्त्वपूर्ण ध्येय युवाओं में कौशल, क्षमता और दक्षता का विकास करना है। इस अकादमिक समझौते से बुंदेलखंड और आस-पास के अंचलों के युवाओं को कौशल सीखने में मदद मिलेगी और साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। बहुत शीघ्र ही सरकार के सहयोग से विश्वविद्यालय में एक स्किल सेंटर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ इस अंचल के युवाओं को मिलेगा।
अभिमंच सभागार में गुजरात के कौशल्या स्किल युनिवर्सिटी और डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।