मध्य प्रदेश के सागर जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर से मंगलवार दोपहर एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां न्याय न मिलने से परेशान एक युवक ने अचानक खुद पर पेट्रोल डाल लिया और अपने हाथ में लिए धार्मिक ग्रंथ में आग लगा दी। कलेक्ट्रेट जैसी सुरक्षित जगह पर हुई इस आत्मघाती और संवेदनशील घटना से परिसर में हड़कंप मच गया।
गनीमत यह रही कि मौके पर हिंदू संगठन के पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद थे, जिन्होंने तत्परता दिखाते हुए युवक को पकड़ लिया और आग बुझाई। इस मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सूचना मिलते ही गोपालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया।
10 साल से थानों के चक्कर काट रहा था युवक
पकड़े गए युवक की पहचान बहादुर चढ़ार (निवासी घोघरी, थाना जैसीनगर) के रूप में हुई है। युवक का आरोप है कि साल 2015 में मोतीनगर निवासी मुन्ना बुंदेला और उसके अन्य साथियों ने उसका रास्ता रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। युवक के मुताबिक, आरोपियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार भी किया था।पीड़ित ने दावा किया कि वह इस मामले में न्याय पाने के लिए पिछले 10 वर्षों से मोतीनगर और जैसीनगर थाने में लगातार शिकायती आवेदन दे रहा है, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। थानों के चक्कर काटकर थक चुके युवक ने हताशा में आकर कलेक्ट्रेट परिसर में यह कदम उठाया।
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धार्मिक ग्रंथ में आग लगाने पर बढ़ा आक्रोश
घटना के दौरान युवक जोर-जोर से चिल्लाकर सिस्टम पर आरोप लगा रहा था। इसी बीच उसने खुद पर पेट्रोल डाला और धार्मिक ग्रंथ को आग के हवाले कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने इस पर कड़ी नाराजगी और आक्रोश जताया है। संगठन के सदस्य हरिकिशन सेन का कहना है कि न्याय की मांग अपनी जगह है, लेकिन धार्मिक ग्रंथ का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच में जुटी पुलिस
हाई-सेंसिटिव जोन में हुई इस वारदात के बाद गोपालगंज थाना पुलिस युवक को अभिरक्षा में लेकर थाने गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के आरोपों और थानों में लंबित आवेदनों की जांच की जा रही है। साथ ही धार्मिक ग्रंथ को नुकसान पहुंचाने के मामले में भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
धार्मिक पुस्तक में लगाई आग