पूरे देश के साथ शहर में भी महोदव की होली आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इस साल पूरे शहर में होली को उत्साह के साथ मनाए जाने के लिए विभिन्न समितियों के द्वारा करीब 1000 बोरी गुलाल का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा केसरिया रंग, इत्र सहित फूलों की व्यवस्था की जाएगी। शिवालयों में प्रसादी बांटी जाएगी।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि गुरुदेव भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के संदेश के अनुसार होली का एक अपना ही आनंद है। इस वर्ष पूरे देश के साथ शहर में भी महोदव की होली आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। गुरुदेव के संदेश के अनुसार प्रत्येक शिव मंदिरों में मातृ शक्ति के अलावा सभी श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना के साथ केसरिया रंग एक लोटे में भरकर भगवान को समर्पण करेंगे और उसके बाद पूरे उत्साह के साथ होली का पर्व मनाया जाएगा। पूरे शहर में महादेव की होली को लेकर उत्साह है, सभी होली समितियों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
हर शंकर मंदिर पर महादेव की होली खेलने का किया आव्हान
उन्होंने बताया कि पहले दिन होलिका दहन किया जाता है, दूसरे दिन गेर निकलती है जिनके यहां कोई गमी हो जाती है, कोई शांत हो जाता है उनके यहां लोग जाते हैं और उसके अगले दिन जो रंग होता है उसे हमें महादेव की होली बनाना है। इसका मतलब यह नहीं कि हम जुलूस निकालें या गैर निकालें या चल समारोह निकालें। कई लोग चल समारोह की तैयारी करके बैठे हैं, उनसे हाथ जोडक़र निवेदन है कि चल समारोह नहीं। सिर्फ महादेव की होली है, हमें एक दूसरे के साथ शांति और भाईचारे का साथ होली खेलना है।
कैसे खेलें महादेव की होली
जितने शंकर के मंदिर हैं प्रत्येक शंकर के मंदिर में घर-घर की माताएं और श्रद्धालु जाएं और एक लोटा पानी में केसरिया रंग, अष्टगंध घोलकर या चंदन हल्दी घोलकर कलर बदलकर शिव को स्नान कराकर आएंगी। वहां जो रंग आपस में एक-दूसरे को लगाएंगी। उसको कहेंगे महादेव की होली। मेरे महादेव की होली हर मंदिर, हर घर हर मोहल्ले हर भक्त की होली होगी।
सबसे अपने क्षेत्रों में महादेव की होली खेलने का किया आव्हान
उन्होंने पूरे देश से आए भक्तों का आव्हान किया कि सीहोर, आष्टा, इछावर, जावर, पूरे मालवा अंचल में तो हमें बदलना ही है। आप सब भी धुलेंडी के दूसरे दिन शंकर जी के मंदिर में जाकर होली खेलिए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से लेकर मनकामेश्वर महादेव मंदिर तक जितने शिवालय पढ़ेंगे, और भी अन्य जगह जहां से खबर आएंगी मैं वहां जाऊंगा, महादेव की होली में सम्मिलित होऊंगा। अभी तक हमने दूसरे के रंग में रंगकर देख लिया अब एक बार प्रभु के रंग में भी रंगकर देखें।
होली पर बन रहा विशेष संयोग
इस वर्ष होली पर वृद्धि योग, अमृत सिद्धि योग व सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है। वृद्धि योग में किए गए कार्यों से लाभ प्राप्त होने की मान्यता है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग में कार्यों से पुण्य प्राप्त होता है। ध्रुव योग से चंद्रमा और सभी राशियों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा होली पर इस साल बुध-गुरु की युति से आदित्य योग का भी निर्माण हो रहा है।