मालेगांव विस्फोट प्रकरण में मुंबई कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि वह कांग्रेस की साजिश की शिकार हुई हैं। उन्होंने कहा कि नौ साल उन्होंने जो कुछ भी भोगा है, वो कांग्रेस की देन है।
जेल से बाहर आईं प्रज्ञा ने टिप्पणी की, मैं अर्ध मुक्त हुई हूं। अभी मुझे बीमारी से भी जूझना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा षड़यंत्र कांग्रेस ने रचा था और वह उन्हें खत्म करना चाहती थी। कांग्रेस ने ही भगवा आतंकवाद जैसे शब्द गढे़। तत्कालीन गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने सर्व प्रथम इसका इस्तेमाल किया। प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि मुंबई एटीएस ने उन पर जुल्म किए। उनकी बीमारी एटीएस के पुरुष पुलिसकर्मियों की प्रताड़ना की देन है।
उन्होंने कहा कि मानसिक व शारीरिक तौर पर वह पूरी तरह टूट चुकी हैं, बस आत्मबल के दम पर लड़ रही हैं। एक सवाल के जवाब में कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार कांग्रेस की तरह उनके साथ साजिश नहीं करेगी, ऐसी उन्हें उम्मीद है। जहां तक जांच एजेंसी एनआईए का सवाल है तो वह अपना काम करेगी। मैं निर्दोष थी और हूं। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा 2008 से जेल में थीं और उन्हें मालेगांव विस्फोट केस में जमानत मिल चुकी है। अजमेर ब्लास्ट मामले में एएनआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।