सार
ओंकारेश्वर में विजयादशमी पर आरएसएस ने पथ संचलन आयोजित किया। पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवक बालवाड़ी से पुराने बस स्टैंड, मार्केट, झूला पुल और ब्रह्मपुरी क्षेत्र से होते हुए निकले। कार्यक्रम में संघ पदाधिकारी, साध्वी साक्षी दीदी और स्वयंसेवक शामिल हुए।
ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से पथ संचलन का आयोजन किया गया। बालवाड़ी क्षेत्र से निकले पथ संचलन में संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए शामिल हुए। अनुशासित पंक्तियों में निकले स्वयंसेवकों ने नगरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे मार्ग में अनुशासन, संगठन और एकजुटता का संदेश दिखाई दिया।
पथ संचलन बालवाड़ी से प्रारंभ होकर पुराने बस स्टैंड, मार्केट, झूला पुल और ब्रह्मपुरी क्षेत्र से होते हुए पुनः बालवाड़ी स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। मार्ग में स्वयंसेवकों ने निर्धारित अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए संचलन पूरा किया।
पढ़ें: एक बहन ने बेटे के साथ तो दूसरी ने तीन बच्चों संग कुएं में लगाई छलांग, छह मौतों से कांप उठा इलाका; कोहराम
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संघ के प्रांत समरसता सह प्रमुख परमानंद जी पाटिल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में परम शक्ति पीठ कोठी की साध्वी साक्षी दीदी मौजूद रहीं। नगर कार्यवाह संतोष चौहान सहित संघ के अन्य पदाधिकारी और स्वयंसेवक कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान ललित जोशी ने समूह गीत प्रस्तुत किया, जबकि जितू भाटिया ने एकल गीत की प्रस्तुति दी। मुख्य शिक्षक की भूमिका तन्मय जोशी ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन विनय पाठक ने किया। इस दौरान संजय बिरला सहित संघ के अन्य स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने अनुशासन और संगठन की भावना के साथ सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से संघ की ओर से समाज में एकजुटता, सेवा और राष्ट्रभाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।