मऊगंज की पतुलखी छत्रपाल ग्राम पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया है। सरपंच अुनराधा साकेत अपने पद पर कायम रहेंगी। उनके खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव रद्द हो गया है। मतदान में 17 में से 10 पंचों ने सरपंच के पक्ष में मतदान किया
मऊगंज की हनुमना जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पतुलखी छत्रपाल की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पंचायत सरपंच अनुराधा साकेत के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मत विभाजन में ध्वस्त हो गया। पीठासीन अधिकारी तहसीलदार बैसाखुलाल प्रजापति की निगरानी में हुए मतदान में 17 में से 10 पंचों ने सरपंच के पक्ष में मतदान कर उन्हें पुनः बहुमत प्रदान कर दिया।
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गांव में यह चर्चा जोरों पर है कि जब बहुमत पहले से ही सरपंच के साथ था, तो अविश्वास प्रस्ताव लाने की जरूरत ही क्यों पड़ी? यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक साजिश जैसा प्रतीत हो रहा है, जिसका उद्देश्य पंचायत की स्थिरता को डगमगाना और विकास कार्यों में रुकावट पैदा करना था।स्थानीय नागरिकों और सरपंच समर्थकों का कहना है कि अनुराधा साकेत ने अपने कार्यकाल में पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी, जिससे कुछ स्वार्थी तत्व असंतुष्ट थे। उन्हीं लोगों ने पर्दे के पीछे से षड्यंत्र रचा, लेकिन अंततः यह चाल उलटी साबित हुई। जिन पंचों के नाम प्रस्ताव में शामिल थे, उन्होंने ही मतदान में सरपंच का समर्थन कर साजिश को बेनकाब कर दिया।
इस घटनाक्रम ने अनुराधा साकेत के नेतृत्व को और मजबूती दी है। वहीं, विरोधी खेमा जो गुप्त रणनीति के सहारे सत्ता पलट की कोशिश कर रहा था, उसकी पोल खुल गई। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका भी सराहना के योग्य रही। तहसीलदार बैसाखुलाल प्रजापति की निगरानी में मतदान शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।