मऊगंज हनुमना तहसील क्षेत्र में सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ और कंप्यूटरीकृत खसरा रिकॉर्ड में अवैध फेरबदल करने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में सात लोगों के खिलाफ BNS 2023 की धारा 318(4), 322, 337 और 338 के तहत FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एसडीएम द्वारा भेजे गए पत्र के बाद की गई। शुक्रवार शाम एएसपी विक्रम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक की।
मामला तब उजागर हुआ जब नायब तहसीलदार बुद्धसेन मांझी SDM कार्यालय से जारी शिकायत पत्र लेकर हनुमना थाने पहुंचे। दस्तावेजों के अनुसार ग्राम कोलहा (पटवारी हल्का धौसड़, RI मंडल पहाड़ी) की राजस्व आराजी नंबर 353, रकबा 0.170 हेक्टेयर में वर्ष 2007-08 से 2009-10 के दौरान खसरा प्रविष्टियों में नियमों के विपरीत बदलाव किए गए। यह परिवर्तन न तो विभागीय अनुमति से किया गया था और न ही कानूनी प्रावधानों के तहत।
जांच से सामने आया कि यह मामला वर्षों से दबा हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट जबलपुर में दायर याचिका WPNO 10521/2011 की सुनवाई के दौरान, 11 फरवरी 2013 को दिए गए आदेश के बाद यह गंभीर स्तर पर चर्चा में आया। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दोषियों पर विभागीय जांच के साथ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उसी क्रम में की गई जांच में यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित व्यक्तियों ने धोखाधड़ी, बेईमानी, छल और कूटरचना कर सरकारी रिकॉर्ड में संशोधन किया और इससे राजस्व को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
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FIR जिन सात लोगों पर दर्ज की गई है उनमें रवीन्द्र पिता स्वामीशरण (प्रयागराज, उ.प्र.), भगोले पिता रामदास नाई (कोलहा), गल्होरे पिता भगोले (कोलहा), लछिमन पिता भगोले (कोलहा), मिथिला प्रसाद (पूर्व पेशकार), यशोदानंदन दीपांकर (तत्कालीन पटवारी) और चंद्रसेन पटेल उर्फ C.S. पटेल (तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर) शामिल हैं। SDM ने पुलिस को प्रकरण की जांच तेज गति से करने और जांच की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की प्रतियां कलेक्टर, एसपी और SDOP मऊगंज को भी भेजी गई हैं।