रीवा रजिस्ट्रार कार्यालय में स्टेनो के पद पर पदस्थ धीरेंद्र तोमर को 12 हजार रिश्वत लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। बुक किए गए स्लॉट का अमाउंट वापस दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
दरअसल जिला पंचायत कार्यालय में रजिस्ट्री होने वाली थी, लेकिन किसी कारण विक्रेता द्वारा मना कर दिया गया था, जिस कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। बुक किए गए प्लाट के अमाउंट को शिकायतकर्ता द्वारा वापस करने की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता दीपक पांडे के द्वारा एक लाख बीस हजार रुपये का स्लॉट बुक कराया गया था। वापस करने के लिए स्टेनो द्वारा 12 हजार की रिश्वत की मांग की गई थी।
भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों के काले कारनामे आए दिन सामने आते रहते हैं ऐसा ही मामला रीवा जिले के रजिस्ट्रार कार्यालय से सामने आया है. जहां बुक किए गए स्लॉट के अमाउंट को रिटेंशन के लिए स्टोनो के द्वारा 12 हजार रूपए की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता दीपक पांडे ने बताया कि हमें एक रजिस्ट्री करानी थी जिसके लिए हमने अपना स्लॉट बुक कराया था, जिसकी अमाउंट एक लाख बीस हजार रुपये थी किसी कारण बस हमारी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। हम उस अमाउंट को वापस मांग रहे थे। जिसके लिए स्टेनो द्वारा 12 हजार की लगातार मांग की जा रही थी। दीपक पांडे ने लोकायुक्त में जाकर कर दी। लोकायुक्त में शिकायत की जांच करते हुए सही पाया और शुक्रवार को धीरेंद्र तोमर को 12 हजार रुपये लेते रंगे हाथों ट्रैक कर लिया है।