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MP News: कमलनाथ के गढ़ में धर्मांतरण का खेला, आदिवासी समाज ने दर्ज करवाई शिकायत

Sun, 21 Aug 2022 09:29 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा जिले के तामिया आदिवासी अंचल क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने एक विशेष समुदाय पर गांव के आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। विशेष धर्म से ताल्लुक रखने वाले लोग पैसे का लालच भी दे रहे हैं।
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थाने में की गई शिकायत - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा जिले में तथा-कथित तौर पर आदिवासियों के धर्म परिवर्तन करवाने की खबर सामने आई है। छिंदवाड़ा के तामिया ब्लॉक के कई गांवों में आदिवासियों का धर्म परिवर्तन कराने का मामला उठा है।

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बताया जा रहा है, विशेष समुदाय के लोग लालच और धमकाकर आदिवासियों का धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। साथ ही जो धर्म परिवर्तन करवाने से मना कर रहा है, उसे जान से मार देने की धमकी दी जा रही है। इसे लेकर ग्रामीणों ने तामिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, बीते कुछ महीने पहले भी तामिया ब्लॉक के सांगाखेड़ा देलखारी गांव में आदिवासियों को धर्म परिवर्तन करवाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद कई संगठनों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उस दौरान कुछ आदिवासियों ने वापस अपना मूल धर्म भी अपना लिया था।
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ग्रामीणों ने शिकायत में बताया, ग्राम पंचायत झापिया और बाराचोमडी सहित अन्य ग्रामों में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन का कार्य चल रहा है। विशेष धर्म से ताल्लुक रखने वाले कुछ लोग आदिवासी और मवासी समाज को पैसे का लालच और डरा धमकाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। मामले में तामिया थाना प्रभारी ने कहा, ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुछ तथ्य सामने आने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हुई शिकायत, नहीं हो सकी कार्रवाई
इसके पहले भी छिंदवाड़ा के आदिवासी अंचल तामिया जुन्नारदेव बिछुआ हर्रई में कई बार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले सामने आए हैं। अप्रैल महीने में भी तामिया ब्लॉक के सांगाखेड़ा देलखारी में भी ऐसे ही मामले सामने आए थे, जिस पर हिंदूवादी संगठनों ने आवाज उठाते हुए शिकायत की थी। उसके बाद कुछ आदिवासी परिवारों ने वापस अपना मूल धर्म भी अपनाया था, एक बार फिर धर्म परिवर्तन को लेकर मामला गरमाया हुआ है। लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

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