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Ratlam News: नौकरानी, उसकी बेटी और दोस्त ने की सेवानिवृत्त शिक्षिका की हत्या, जेवरों के लिए रेत दिया गला

Thu, 27 Nov 2025 09:03 AM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

वारदात वाली रात सागर छत के रास्ते घर में घुसा और बाथरूम जाने पर सरला की गला रेतकर हत्या कर दी। वह जेवर, रुपये और मोबाइल लेकर फरार हो गया। पुलिस ने लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर सागर की पहचान की और रावटी थाना क्षेत्र के जंगल से उसे घेराबंदी कर पकड़ा।
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आरोपी लीलाबाई डामर और उसकी बेटी मोना बसोड़ और दोस्त सागर मीणा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो दिन पहले पीएंडटी कॉलोनी से लगे मालवा नगर में अकेले रहने वाली  सेवानिवृत्त शिक्षिका 68 वर्षीय सरला धनेतवाल की हत्या करने के मामले का पुलिस ने गुत्थी सुलझाने के साथ ही पूरा खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार वह अकेली रहती थी तथा उसके पास काफी जेवर और रुपये थे। नौकरानी आरोपी लीलाबाई डामर और उसकी बेटी मोना बसोड़ ने जेवर और रुपये पाने के लिए मोना के दोस्त सागर उर्फ बंटी मीणा के साथ उनके घर चोरी करने का षडयंत्र रचा। इसके बाद घटना वाली रात आरोपी सागर चोरी करने के लिए छत के रास्ते सरला के घर में घुसा था और जब वे बाथरूम करने गई तो सागर ने चाकू से गला रेतकर सरला की हत्या कर दी थी और रुपये, जेवर व मोबाइल फोन लेकर भाग गया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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एसपी अमित कुमार ने बुधवार शाम मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 23 और 24 नवंबर की दरमियानी रात मालवा नगर में निवासरत सेवानिवृत्त शिक्षिका 68 वर्षीय सरला धनेतवाल पति स्व. दुर्गालाल धनेतवाल की किसी ने घर में घुसकर हत्या कर दी और जेवर और रुपये लूटकर ले गया था। हत्या व लूट का प्रकरण दर्ज कर मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी (शहर) राकेश खाखा के मार्गदर्शन और औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रधुवंशी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया तथा भौतिक और वैज्ञानिक साक्षय एकत्र किए गए। सरला धनेतवाल के घर उनका मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवर, रुपये आदि गायब होने की पुष्टि हुई। जांच में पता चला कि सरला धनेतवाल के पति का पूर्व में निधन हो चुका है तथा संतान नहीं होने से वह अकेले रहती थी। उनके घर पर नौकरानी आरोपी 49 वर्षीय लीलाबाई डामर पति शांतिलाल डामर निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी काम करने आती थी। कभी-कभी लीलाबाई की बेटी 30 वर्षीय मोना बसोड़ पति नरेश बसोड़ निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी भी काम करने आया करती थी। वहीं करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए।
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फुटेज में घटना वाली रात सरला धनेतवाल के घर की तरफ आने व जाने वाले संदिग्ध युवक कैद हुआ था, जिसकी पहचान आरोपी 38 वर्षीय सागर मीणा उर्फ बंटी मीणा पिता महेश मीणा निवासी बिरलाग्राम उज्जैन हाल मुकाम ग्राम खवासा (बामनिया) जिला झाबुआ के रूप में हुई। अलग-अलग टीमें सागर मीणा की तलाश कर रही थी, इसी बीच 25 व 26 नवंबरकी दरमियानी रात सूचना मिली कि सागर मीणा रावटी थाना क्षेत्र के रानीसिंग रोड पर मलवासी के जंगल में छिपा हुआ है। टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया तथा उसे हड़कड़ी लगाई जा रही थी, तभी उसने दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव पर हमला कर धक्का-मुक्की व झूमाझटकी करते हुए उनकी पिस्टल छीन ली। उसके हमले से थाना प्रभारी अनुराग यादव घायल हो गए। इसी बीच सागर फायर किया कर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, वह नहीं माना। इसी बीच टीम में शामिल औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रधुवंशी ने उसके पैर पर फायर किया जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद टीम ने उसे काबू में किया और उसे तथा घायल थाना प्रभारी अनुराग यादव को मेडकिल कॉलेज ले जाकर  भर्ती कराया गया। पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में सागर मीणा के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया है। उधर, आरोपी लीलाबाई व उसकी बेटी मोना बसोड़ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। यह सवाल करने पर कि आरोपी सागर मीणा कितने रुपए और जेवर लूट कर ले गया था? एसपी अमित कुमार ने बताया कि कितने रुपए और जेवर लूटे गए इसका फिलहाल पता नहीं चल पाया है क्योंकि यह मृतिका को ही मालूम था। कुछ रुपए, मोबाइल फोन और जेवर जप्त किए गए हैं, मामले की जांच की जा रही है।
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आरोपी ने तीन-चार दिन तक की थी रेकी      
आरोपी सागर मीणा मूल रूप से कहां का रहने वाला है, यह पता नहीं चला है, लेकिन पूछताछ में उसने बताया कि वह उज्जैन जिले के बिरलाग्राम नागदा का रहने वाला है। वह बचपन से अनाथ है। उसके माता-पिता व अन्य कोई परिजन नहीं है। वह ट्रेनों में पानी की बोतले सप्लाय करने, बैग रिपेयर आदि का आदि का काम करता था। उसका कोई घर नहीं है। वह ट्रेनों वे रेलवे स्टेशनों पर ही सोता था। वह बहुत शातिल होकर अपने नाम भी अलग-अलग रख रखे है। वहीं हर व्यक्ति को अपना अलग नाम बताता था। मोना को उसने अपना नाम सागर तो एक दोस्त को मुन्ना नाम बता रखा था। वह मोबाइल फोन नहीं रखता था। ट्रेनों व प्लेटफार्म पर यात्रियों के मोबाइल फोन चुराता था तथा एक-दो दिन इस्तेमाल कर फेंक दिया करता था। वहीं मोना बसोड़ रेलवे स्टेशन पर सफाई का कार्य करती थी तथा ग्राम खवासा में रहती थी। तीन वर्ष से सागर मीणा की पहचान ग्राम खवासा में किराये के मकान में रहने के दौरान मोना बसोड़ से हुई थी। लीलाबाई व उसकी बेटी मोना मृतिका सरला धनेतवाल के घर से पूरी तरफ वाकिफ थी तथा उन्हें पता था कि सरला धनेतवाल के पास काफी जेवर व रुपये है और वह अकेली रहती है। रुपये और जेवर देखकर वे लालच में आ गई और यहह बात सागर मीणा को बताई तथा तीनों ने चोरी करने का षडयंत्र रचा तथा सागर मीणा ने तीन-चार दिन तक सरला धनेतवाल के घर की रैकी कर वारदात को अंजाम दिया।

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