मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
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मध्य प्रदेश के जावरा में स्थित एसएएफ की 24वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेड रामबाबू पाठक ने डिप्रेशन के इलाज की एक साथ अधिक गोलियां खा लीं। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। उनकी पुत्री ने सीनियर अधिकारियों पर अपने पिता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। हालांकि अभी तक उनके अधिक गोलियां खाने का कारण सामने नहीं आया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार पाठक ने शुक्रवार सुबह अधिक गोलियां खा ली थी। तबीयत बिगड़ने पर परिजन और बटालियन के कर्मचारी उन्हें जावरा के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें रतलाम मेडिकल कालेज रेफर किया गया। एसपी अमित कुमार और अन्य अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। तबीयत में सुधार नहीं होने पर पर दोपहर में पाठक को रतलाम मेडिकल कालेज से इंदौर रेफर किया गया।
विभाग के अधिकारी कर रहे थे परेशान
मामले में एक सुसाइड नोट भी सामने आया है, जो घटना के पहले रामबाबू पाठक द्वारा लिखा बताया जा रहा है। नोट में लिखा है कि मैं आज 1 जुलाई 2025 को विभाग की प्रताड़ना के कारण आत्महत्या कर रहा हूं। सुसाइड नोट में चार आईपीएस अधिकारियों ले नाम भी लिखे गए हैं, जिनमें से दो पर ज्यादा प्रताड़ित करने का उल्लेख किया गया है। पाठक की पुत्री मुस्कान का आरोप है कि उनके पिता को अधिकरियों ने परेशान किया। जिससे वे डिप्रेशन के शिकार हो चुके हैं। इलाज के लिए जो दवाई चल रही तो वो एक साथ खा ली थी, जिससे तबीयत बिगड़ी। उधर, डिप्टी कामडेंट मनोहर बरिया ने मीडियाकर्मियों से चर्चा में बताया कि पाठक ने ज्यादा गोलियां क्यों खाई तथा किससे परेशान थे, इसकी जानकारी नहीं है। अभी उनका इलाज चल रहा है।