दोस्तों के बीच लड़ाई-झगड़े होना तो आम बात है, लेकिन रतलाम में दो दोस्तों के बीच हुई लड़ाई में एक ने दूसरे को इस कदर चाकू घोंपा कि युवक के पेट में चाकू फंस ही गया। ऐसे में घायल को रतलाम जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से अस्पताल और पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, घायल युवक को इलाज के लिए घंटों तड़पते हुए इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर उसका इलाज करने के बजाय ऑपरेशन की मंजूरी के लिए परिजन का इंतजार करने में लगे रहे। इसके अलावा पुलिस भी घायल का इलाज करवाने के बजाय स्टेटमेंट लेने और कागजों पर अंगूठा लगवाने में व्यस्त रही।
दरअसल, ईश्वर नगर का रहने वाला 17 साल का राजेश अपने दोस्त गोविंद व अन्य लोगों के साथ एक बरात में शामिल होने के लिए सारंगी गांव गया हुआ था। सभी लोग वहां से लोडिंग वाहन में सवार होकर रविवार शाम वापस रतलाम लौट रहे थे। इस दौरान सारंगी और करवड़ गांव के बीच राजेश और गोविंद वाहन से नीचे उतरने की बात पर झगड़ने लगे। दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि गोविंद ने चाकू निकाला और राजेश के पेट में घोंप दिया। इसके बाद चाकू राजेश के पेट में फंसा ही रह गया।
लोडिंग वाहन में ही पेट में चाकू लगे राजेश को लेटाकर घटनास्थल से लगभग 40 किलोमीटर दूर उसके घर लाया गया। इसके बाद वहां से उसकी दूर की बहन दुर्गा ने बाइक पर उसे लेकर शाम सात बजे के आसपास जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यहां डॉक्टर से लेकर पुलिस वाले घायल के परिजन का इंतजार करने और बयान लेने में व्यस्त रहे। किसी ने भी घायल के तुंरत इलाज के लिए तत्परता नहीं दिखाई। इस बात का जब विरोध हुआ तो उसे उसी हालत में रात 10 बजे इंदौर रेफर कर दिया गया। दीनदयाल नगर टीआइ का कहना है कि पुलिस आरोपित गोविंद की तलाश में लगी हुई है।