मध्यप्रदेश के राजगढ़ शहर में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हज़रत बाबा बदख्शानी की दरगाह पर देश के दूसरे बड़े उर्स का आगाज़ सोमवार शाम गुस्ल की रस्म के साथ हो गया। यह उर्स 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
दरसअल, राजस्थान की अजमेर दरगाह के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा उर्स है। इसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। उर्स के दौरान क़व्वाली के कार्यक्रमों के साथ-साथ एक बड़े मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मेले में सभी धर्मों के दुकानदार अपने प्रतिष्ठान लगाकर व्यापार कर रहे हैं। उर्स में आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए हैं। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्थाई रूप से पुलिस चौकी स्थापित की गई हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने दरगाह कमेटी के सदस्यों के साथ मिलकर उर्स की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी उर्स के दौरान भ्रमण कर हैं, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा व्यवधान न डाला जाए और उर्स का सफलतापूर्वक समापन हो सके।
शांति समिति की बैठक
इससे पहले उर्स को लेकर दरगाह कमेटी के सदस्य, अन्य जिम्मेदार नागरिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने शांति समिति की बैठक आयोजित की थी। बैठक में उर्स के दौरान शांति बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई थी, जिससे गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बना रहे।
सेहरी और इफ्तार का इंतज़ाम
राजगढ़ दरगाह कमेटी के अनुसार, इस वर्ष 111वां उर्स रमज़ान के महीने में होने के कारण, रोज़ेदारों के लिए अस्थाई रूप से सेहरी और इफ्तार का इंतज़ाम किया गया है। इससे रोज़ा रखने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।