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Rajgarh: शराब पकड़ाने के शक में पुलिसकर्मी के परिवार पर चार महीने में तीन बार हमला, भरपाई के लिए दे रहे धमकी

Fri, 05 Jan 2024 10:02 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़

सार

मध्यप्रदेश का राजगढ़ जिला अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और शराब माफियाओं का गढ़ माना जाता है। यहां लाखों लीटर शराब पर चुनाव के वक्त पुलिस-प्रशासन का बुलडोजर चलता है। लेकिन फिर से वही कारोबार आगामी चुनाव तक पनपता रहता है।
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पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
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राजगढ़ के अलग-अलग थानों में पांच से 60 लीटर कच्ची शराब पकड़ने के प्रकरण दर्ज होते रहते हैं और पुलिस कहीं-कहीं दबिश देकर बढ़ी कार्रवाई को अंजाम देती रहती है। लेकिन वही शराब माफियाओं के ठिकानों पर दबिश देने के बाद उसका खामियाजा शराब माफियाओं की शंका में आए लोगों को भी भुगतना पड़ता है, जिसका ताजा उदहारण राजगढ़ जिले में भी देखने को मिला है। लेकिन इस बार प्रताड़ित आमजन नहीं, बल्कि स्वयं एक पुलिसकर्मी और उसका परिवार है। जो न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।

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दरअसल, मामला है राजगढ़ जिले के बोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कड़िया सांसी गांव का। जहां निवास करने वाले प्रकाश भानेरिया सीहोर जिले के थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं और उनके अलावा उनके परिवार के अन्य लोग भी पुलिस व अन्य शासकीय विभाग में कार्यरत हैं, जिनके परिवार पर हाल ही में दो जनवरी को शराब माफियाओं ने एक राय होकर हमला कर दिया, जिस पर पुलिस ने 27 लोगों के विरूद्ध प्रकरण भी दर्ज किया है।

वहीं, शुक्रवार को एसपी के पास पहुंचे प्रकाश भानेरिया ने बताया कि वे कड़िया सांसी गांव के निवासी है और सीहोर जिले में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के दौरान पुलिस ने हमारे गांव के शराब माफिया जिनके यहां नकली शराब बनाई जाती है। दबिश देकर भारी मात्रा में शराब व उपकरण जब्त किए थे। जब से उन्हें शंका थी कि उनकी मुखबिरी मेरे द्वारा की गई है, जिसके चलते वे उनके नुकसान की भरपाई की मांग मुझसे कर रहे हैं, जिसके चलते वे पूर्व में दो बार और हाल ही में दो जनवरी को मेरे परिवार के लोगों पर हमला करते हुए घर में तोड़फोड़ कर चुके हैं। घटना को दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और वे खुलेआम घूम रहे हैं।
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साथ ही पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि दो जनवरी को शराब माफियाओं के द्वारा किए गए हमले में उनके परिवार का सीताराम गंभीर रूप से घायल है, जिसका उपचार भोपाल में चल रहा है। मैं स्वयं और मेरे परिवार के अन्य लोग पुलिस विभाग में पदस्थ होने के बाद भी अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस के द्वारा आरोपियों को पकड़ा नहीं गया है। यदि हमारे साथ ही इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो आमजन के क्या हाल होते होंगे। वहीं, मामले को लेकर बोड़ा थाना प्रभारी रामकुमार भगत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 20 लोग लगाए गए हैं और उनकी लगातार सर्चिंग की जा रही है। पुलिस उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।

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